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    Homeराज्यमहाराष्ट्रMaharashtra Update: संजय गांधी नेशनल पार्क में एंट्री फीस बढ़ोतरी रद्द

    Maharashtra Update: संजय गांधी नेशनल पार्क में एंट्री फीस बढ़ोतरी रद्द

    SGNP में महंगी नहीं होगी सैर: मॉर्निंग वॉकर्स के विरोध के आगे झुका प्रशासन, फीस बढ़ोतरी के फैसले पर फिलहाल रोक

    मुंबई। बोरीवली स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क घूमने आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने 1 मई से लागू होने वाले नए शुल्क ढांचे को 'प्रशासनिक और तकनीकी' कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है। इसका मतलब है कि अब पर्यटकों को सभी सुविधाओं के लिए पुरानी दरों पर ही भुगतान करना होगा।

    क्यों टला फैसला?

    पार्क प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, नई दरों की समीक्षा की जा रही है। एक वन अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि शुल्क वृद्धि के मामले में अब मई के अंत तक ही कोई नई स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक पार्क की सभी सेवाओं के लिए पुराने रेट ही प्रभावी रहेंगे।

    क्या था विवाद का मुख्य कारण?

    21 अप्रैल को जारी आदेश में शुल्कों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था, जिसने आम जनता को चौंका दिया था:

    • सालाना पास: मॉर्निंग वॉकर्स के लिए सालाना फीस 383 रुपये से सीधे बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव था।

    • वरिष्ठ नागरिक: बुजुर्गों के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये तय किया गया था।

    • मासिक पास: आम नागरिकों के लिए 1,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 500 रुपये की मासिक फीस प्रस्तावित की गई थी।

    • अन्य सुविधाएं: सफारी, मिनी ट्रेन, नौका विहार और ई-बस के टिकटों के दामों में भी वृद्धि का ऐलान हुआ था।


    नागरिकों का कड़ा विरोध

    इस फैसले के खिलाफ मुंबईवासियों, खासकर मॉर्निंग वॉकर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया था। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि:

    1. वार्षिक शुल्क में लगभग 25 गुना वृद्धि पूरी तरह अनुचित और अव्यावहारिक है।

    2. पार्क की कई सुविधाएं और रखरखाव CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से संचालित होते हैं, ऐसे में जनता पर इतना वित्तीय बोझ डालना गलत है।

    3. वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क स्वास्थ्य और सुकून का साधन है, जिसे महंगा करना उनके साथ अन्याय है।

    प्रशासन का पक्ष

    हालांकि, प्रशासन ने तर्क दिया था कि पार्क में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कर्मचारियों के वेतन, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास और रखरखाव के बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए राजस्व बढ़ाना जरूरी हो गया है।

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