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    Homeस्वास्थ्यसोडियम लेवल गिरा तो बढ़ सकता है खतरा, जानें लक्षण

    सोडियम लेवल गिरा तो बढ़ सकता है खतरा, जानें लक्षण

    उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप जारी है। इस जानलेवा गर्मी के बीच स्वास्थ्य को लेकर बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है, जहाँ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बेहोश हो गए और उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

    शिक्षक सम्मेलन के बाद बिगड़ी तबीयत

    जानकारी के अनुसार, अजय राय शुक्रवार को पार्टी द्वारा आयोजित शिक्षकों और डॉक्टरों के एक सम्मेलन में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने बेचैनी और असहजता की शिकायत की थी। घर पहुँचते ही वे शरीर में सोडियम की कमी (Low Sodium) के कारण अचेत हो गए। फिलहाल वे डॉक्टरों की सघन निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    क्या है 'हाइपोनेट्रेमिया' और क्यों है यह खतरनाक?

    चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में सोडियम का स्तर सामान्य से कम होने की स्थिति को मेडिकल भाषा में 'हाइपोनेट्रेमिया' कहा जाता है।

    • इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन: हमारे शरीर की कोशिकाओं, नसों और मांसपेशियों को सही ढंग से काम करने के लिए सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है।

    • गर्मी का असर: भीषण गर्मी में अत्यधिक पसीना निकलने से ये जरूरी तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं। यदि हम केवल सादा पानी पीते हैं और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति नहीं करते, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और व्यक्ति बेहोश होकर गिर सकता है।

    इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

    गर्मियों में शरीर में सोडियम की कमी होने पर ये संकेत दिखाई देते हैं:

    1. शुरुआती लक्षण: अत्यधिक थकान, सिरदर्द, जी मिचलाना और मांसपेशियों में कमजोरी।

    2. गंभीर लक्षण: चक्कर आना, बोलने में लड़खड़ाहट, भ्रम की स्थिति (Confusion) और संतुलन खोना।

    3. घातक स्थिति: सोडियम का स्तर बहुत कम होने पर दौरे पड़ सकते हैं, व्यक्ति कोमा में जा सकता है या मस्तिष्क पर गंभीर असर हो सकता है।

    बचाव के लिए क्या करें?

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डायटीशियन्स ने गर्मियों में खुद को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

    • सिर्फ पानी काफी नहीं: प्यास बुझाने के लिए केवल सादे पानी पर निर्भर न रहें। पानी के साथ ORS (जीवन रक्षक घोल), नारियल पानी या नींबू-पानी का सेवन करें।

    • नमक-चीनी का घोल: घर में बना नमक-चीनी का पानी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करने में सहायक होता है।

    • छाछ और मौसमी फल: छाछ, लस्सी और तरबूज जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन शरीर में खनिज तत्वों को बनाए रखता है।

    • धूप से बचें: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।

    विशेषज्ञों की राय: यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आने या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय दें। यदि स्थिति में सुधार न हो, तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल ले जाएं। शरीर में सोडियम का सामान्य स्तर 135-145 mmol/L होना चाहिए; इससे कम होने पर तत्काल डॉक्टरी सलाह अनिवार्य है।

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