बिलासपुर| छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में विकास कार्यों में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। मस्तूरी ब्लॉक में लगभग 1.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई एक किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों भीतर जर्जर होने लगी है। आलम यह है कि सड़क की डामर की परत हाथों से ही उखड़ रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिट्टी पर बिछा दी डामर की परत
यह सड़क ग्राम पंचायत अमगांव के आश्रित ग्राम आमाकोनी से बहतरा तक बनाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित मापदंडों को ताक पर रखकर मुरूम के स्थान पर मिट्टी का उपयोग किया गया है। 15 जनवरी से शुरू हुए इस निर्माण कार्य का ठेका अतुल शुक्ला नामक ठेकेदार को दिया गया था। निर्माण की खराब गुणवत्ता को देखकर जनपद सभापति, सरपंच और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुँचकर जांच की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
अफसरों और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप
जिला पंचायत प्रतिनिधि राधा खिलावन पटेल ने सीधा आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। घटिया सामग्री के इस्तेमाल से सड़क अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई है और जगह-जगह से गिट्टियां बाहर आने लगी हैं। हल्का दबाव पड़ते ही डामर की परतें कागज की तरह उखड़ रही हैं, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
कलेक्टर से की गई शिकायत
सड़क की दुर्दशा और तकनीकी खामियों को देखते हुए ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल से की है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


