मलोट: पंजाब के मलोट में मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार राघव गोयल के आवास पर छापेमारी की। चंडीगढ़ से आई सीबीआई की टीम का नेतृत्व डीएसपी पवित्र सिंह कर रहे थे। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत दर्ज एक पुराने मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घर पर मौजूद नहीं मिले पिता-पुत्र
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीम जब राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल के निवास पर पहुंची, तो दोनों ही वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, टीम ने घर को अपने घेरे में लेकर तलाशी अभियान जारी रखा। इस दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद जरूरी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध कागजातों की बारीकी से जांच की। एजेंसी इस केस से जुड़े ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए घंटों डेरा डाले रही।
चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर से जुड़े तार
बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई 11 मई 2026 को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR No. 12/26) के आधार पर की गई है। एजेंसी इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के एंगल से जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान टीम ने कुछ डिजिटल उपकरण और फाइलें अपने कब्जे में ली हैं, जिनका विश्लेषण जांच को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
विजिलेंस कार्यालय सील होने की चर्चा
इस छापेमारी के साथ ही एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय एजेंसी ने इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस डीजीपी कार्यालय को सील कर दिया है। चर्चा यह भी है कि विजिलेंस प्रमुख का मोबाइल फोन बंद है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, प्रशासन या सीबीआई की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
सीबीआई की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसे एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, सीबीआई की ओर से छापेमारी के दौरान मिले सामान की कोई विस्तृत सूची साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


