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    TVK विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी फ्लोर टेस्ट पर रोक

    चेन्नई| तमिलनाडु की राजनीति में मचे घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है, जिसमें एक विधायक को फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने से रोका गया था। यह याचिका 'तमिलगा वेत्री कषगम' (TVK) के विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति की ओर से दायर की गई है। बता दें कि टीवीके नेता सी. जोसेफ विजय ने बीते 10 मई को ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

    सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को होगी अहम सुनवाई

    वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने इस मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगामी बुधवार को सुनवाई की तारीख तय की है। टीवीके विधायक ने हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी है, जो उनकी विधानसभा सदस्यता की शक्तियों पर अंकुश लगाता है।

    महज एक वोट से मिली थी ऐतिहासिक जीत

    विवाद की जड़ शिवगंगई जिले की 185 तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट है। यहाँ सेतुपति ने डीएमके के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को सिर्फ एक वोट के बेहद मामूली अंतर से मात दी थी। इस हार के बाद पेरियाकरुप्पन ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने दावा किया कि एक पोस्टल बैलेट को गलत तरीके से खारिज किया गया और ईवीएम की गिनती में भी विसंगतियां थीं।

    सत्ताधारी गठबंधन के लिए बढ़ी मुश्किलें

    मद्रास हाई कोर्ट ने अपने आदेश में सेतुपति को सदन की किसी भी मतदान प्रक्रिया, जैसे— फ्लोर टेस्ट, विश्वास मत या अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके नीत गठबंधन के पास फिलहाल 120 विधायकों का समर्थन है। सेतुपति पर रोक लगने से यह संख्या घटकर 119 रह जाएगी, जिससे सरकार के पास बहुमत का अंतर केवल एक सदस्य का बचेगा।

    हाई कोर्ट के कड़े निर्देश

    हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सेतुपति का चुनाव रद्द नहीं किया गया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षात्मक निर्देश जरूरी थे। अदालत ने चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तिरुप्पत्तूर सीट की मतगणना से जुड़े सभी रिकॉर्ड, डाक मतपत्रों के दस्तावेज और पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।

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