राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में कालीबाई की वीरता को किया नमन
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम गरीब व्यक्ति का उत्थान करना है। वे गुरुवार को गुरुकुल संस्थान बोरी में आयोजित जनजाति क्षेत्र के कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण आशीर्वाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके मानसिक एवं नैतिक विकास के लिए प्रेरणादायक कहानियां भी सुनानी चाहिए। उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति और समृद्ध शैक्षिक विरासत का उल्लेख करते हुए नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल बागडे ने वीरांगना वीर बाला कालीबाई के भतीजे अमृत कलासुआ का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। उन्होंने कालीबाई की शहादत को याद करते हुए कहा कि उनकी भूमि पर बेटियों की शिक्षा के प्रति विशेष जागरूकता देखने को मिलती है।
उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने गुरुकुल संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक शरद जोशी की सराहना करते हुए कहा कि जनजाति क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
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