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    जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सनटेक सिटी मामले में अजय सहगल की गिरफ्तारी

    मोहाली: चर्चित सनटेक सिटी जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 'इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी' के सचिव और सनटेक सिटी के मुख्य प्रमोटर अजय सहगल को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी अब विशेष अदालत से उनकी रिमांड हासिल कर आगे की कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है।

    फर्जी दस्तावेजों और नकली हस्ताक्षरों का खेल

    ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 15 किसानों की लगभग 30.5 एकड़ जमीन को हड़पने के लिए फर्जी सहमति पत्र (कंसेंट लेटर) तैयार किए गए थे। इन कागजातों पर किसानों के जाली दस्तखत और अंगूठे के निशान लगाए गए थे। इसी जालसाजी के बूते 'सनटेक सिटी' जैसी विशाल रियल एस्टेट परियोजना की नींव रखी गई। इसके अलावा, सहगल पर इसी तर्ज पर 'ला कैनेला' नामक बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट और 'डिस्ट्रिक्ट-7' कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने का भी आरोप है।

    गमाडा अधिकारी तलब और करीबियों पर शिकंजा

    इस मामले की आंच अब प्रशासन तक भी पहुंच गई है। ईडी ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (GMADA) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को समन जारी कर जमीन, लैंड यूज चेंज (CLU) और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। वहीं, सहगल के सहयोगियों पर भी शिकंजा कस गया है; सुरेश कुमार बजाज पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप है, जबकि खरड़ के बिचौलिये नितिन गोहिल के ठिकानों पर लंबी छापेमारी की गई है।

    नियमों का उल्लंघन और वीकर सेक्शन के प्लॉटों की हेराफेरी

    जांच में यह बात भी सामने आई है कि बिल्डरों ने रसूखदार लोगों से सांठगांठ कर अपना नेटवर्क फैलाया और निवेशकों से करोड़ों रुपये बटोरे। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित प्लॉटों को अभी तक एस्टेट ऑफिसर को ट्रांसफर नहीं किया गया है, जिसे एजेंसी एक गंभीर वित्तीय और कानूनी अपराध मान रही है।

    हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बढ़ी कार्रवाई की रफ्तार

    यह पूरा मामला तब गरमाया जब पीड़ित निवेशकों ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत के कड़े रुख के बाद संबंधित सोसायटी का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका है। फिलहाल, ईडी इस घोटाले के अंतिम लाभार्थियों और पैसों के स्रोत का पता लगाने के लिए जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स, बैंक खातों और संदिग्ध हवाला लेनदेन की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

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