नई दिल्ली | देश में पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को आम जनता की जेब से ज्यादा निजी तेल कंपनियों के मुनाफे की फिक्र है, जिसके चलते लगातार महंगाई का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
कांग्रेस का 'एक्स' पर तंज, सरकार पर लगाया जनता को लूटने का आरोप
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस पार्टी ने लिखा कि 'महंगाई मैन' के राज में पेट्रोल-डीजल की कीमतें महज 9 दिनों के भीतर ₹5 तक बढ़ा दी गईं। शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल के दाम 94 पैसे और डीजल के दाम 95 पैसे बढ़ा दिए गए। विपक्ष ने कहा कि जहां दुनिया भर के देश अपनी आवाम को राहत देने के रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं यहां की सरकार जनता पर आर्थिक बोझ डालने में व्यस्त है। पार्टी ने सवाल उठाया कि सरकार कब तक आम लोगों की अनदेखी कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाती रहेगी।
टीएमसी ने घेरा, कहा- पीआर के बजाय अर्थव्यवस्था सुधारने पर हो ध्यान
इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रवक्ता साकेत गोखले ने भी सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हर तीन दिन में ईंधन के दाम करीब ₹1 बढ़ रहे हैं। लगातार कमजोर होते रुपये को संभालने में नाकाम रही सरकार के चलते आने वाले जुलाई महीने तक कीमतों में इसी तरह की उछाल देखने को मिल सकती है। गोखले ने तंज कसते हुए कहा कि देश को कैमरों के सामने किए जाने वाले खर्च कटौती के दिखावे की जरूरत नहीं है, बल्कि एक ऐसी सरकार चाहिए जो पीआर स्टंट के बजाय देश की अर्थव्यवस्था और शासन-प्रशासन को बुनियादी तौर पर चलाना जानती हो।
10 दिनों में ₹5 की बढ़ोतरी, दिल्ली में शतक के करीब पेट्रोल
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा शनिवार को की गई बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹92.49 प्रति लीटर पर पहुंच गई है। शनिवार को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों पर गौर करें तो 15 मई को कीमतों में ₹3 का बड़ा उछाल आया था, जिसके बाद 19 मई को भी ईंधन करीब 80 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। इस तरह पिछले 10 दिनों में जनता को प्रति लीटर लगभग ₹5 की भारी चपत लग चुकी है।


