इस समय पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और चिलचिलाती लू का कहर जारी है, जिसके कारण अधिकांश इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। यह मौसम न केवल इंसानों की सेहत को प्रभावित कर रहा है, बल्कि धूप में खड़ी रहने वाली आपकी मोटरसाइकिल या स्कूटर के लिए भी उतना ही नुकसानदायक है।हमारे देश में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण करोड़ों लोगों को अपनी बाइक घंटों खुले आसमान के नीचे तेज धूप में खड़ी करनी पड़ती है। लगातार अत्यधिक तापमान और सूरज की सीधी किरणों के संपर्क में रहने से गाड़ी के इंजन, पेंट और बॉडी पार्ट्स को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे नई चमचमाती बाइक भी समय से पहले पुरानी और खराब होने लगती है। आइए जानते हैं कि इस भीषण गर्मी में बाइक को खुले में खड़ा रखने से क्या-क्या बड़े नुकसान हो सकते हैं:
ईंधन (पेट्रोल) का नुकसान और माइलेज में गिरावट
जब कोई मोटरसाइकिल लंबे समय तक तेज धूप में खड़ी रहती है, तो उसकी लोहे की फ्यूल टैंक (टंकी) अत्यधिक गर्म हो जाती है। इस भारी तपन के कारण टंकी के अंदर मौजूद पेट्रोल धीरे-धीरे भाप (वेपर) बनकर उड़ने लगता है। इसके अतिरिक्त, अत्यधिक गर्मी की वजह से पेट्रोल टैंक के ढक्कन में लगी रबर की सील ढीली पड़ जाती है, जिससे पेट्रोल के वाष्पीकरण की गति और तेज हो जाती है। परिणाम स्वरूप, बिना गाड़ी चलाए ही आपकी टंकी से ईंधन कम हो जाता है, जिससे सीधे तौर पर आपकी जेब पर असर पड़ता है और गाड़ी का माइलेज घट जाता है।
रंग का फीका पड़ना और प्लास्टिक-फाइबर पार्ट्स का डैमेज होना
सूरज से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें मोटरसाइकिल के ऊपरी हिस्से को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। धूप के कारण गाड़ी का चमकदार और महंगा पेंट समय से पहले बेजान और फीका पड़ने लगता है। इसके साथ ही, बाइक के मडगार्ड, साइड पैनल्स और इंडिकेटर्स जैसे प्लास्टिक या फाइबर से बने हिस्से धूप में तपकर बेहद कड़क और नाजुक हो जाते हैं। इन कमजोर हो चुके हिस्सों पर यदि थोड़ा सा भी दबाव पड़े या चलते समय कोई झटका लगे, तो ये तुरंत चटक जाते हैं या बीच से टूट जाते हैं। इसके अलावा, सीधी धूप से लेदर या रेक्सिन से बना सीट कवर भी कड़ा होकर फटने लगता है।
इंजन ऑयल का सूखना, टायर फटना और बैटरी का खराब होना
भीषण गर्मी का सीधा असर बाइक के मैकेनिकल पार्ट्स पर भी पड़ता है। धूप की वजह से इंजन के अंदर मौजूद लुब्रिकेंट (इंजन ऑयल) पतला होने लगता है और उसकी चिपचिपाहट खत्म हो जाती है, जिससे वह जल्दी सूख जाता है। ऑयल कम होने के कारण इंजन के कल्पर्जों में घर्षण बढ़ जाता है और इंजन के सीज होने का खतरा रहता है। वहीं दूसरी ओर, गर्मी के कारण टायरों के भीतर मौजूद हवा फैलने लगती है, जिससे एयर प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और चलते समय कमजोर या घिसे हुए टायर अचानक फट सकते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक तापमान के कारण बाइक की लिक्विड बैटरी का पानी और एसिड सूख जाता है, जिससे बैटरी की लाइफ आधी हो जाती है।


