More
    Homeदेशबर्नपुर स्टेशन के पास एक्शन मोड में प्रशासन, TMC नेता का दफ्तर...

    बर्नपुर स्टेशन के पास एक्शन मोड में प्रशासन, TMC नेता का दफ्तर भी टूटा

    कोलकाता | पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित बर्नपुर स्टेशन के आस-पास के इलाकों में शनिवार को सेल-आईएसपी (SAIL-ISP) प्रशासन द्वारा एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इस प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया, जिसकी जद में आकर कई क्लब और विभिन्न राजनीतिक दलों के दफ्तर जमींदोज हो गए। इस कार्रवाई में वार्ड संख्या 78 से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद अशोक रुद्र का कार्यालय भी ढहा दिया गया, जिसके बाद से क्षेत्र में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, सेल-आईएसपी प्रबंधन बर्नपुर रेलवे स्टेशन और उसके आस-पास की जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए काफी समय से योजना बना रहा था। शनिवार की सुबह भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के साथ इस अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए हर तरह के कच्चे-पक्के अवैध निर्माणों को हटा दिया।

    बर्नपुर स्टेशन के पास चला प्रशासन का बुलडोजर

    सेल-आईएसपी प्रबंधन ने रेलवे स्टेशन के निकटवर्ती क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए शनिवार सुबह ही मोर्चा संभाल लिया। इस कार्रवाई के लिए पहले से ही पुख्ता तैयारियां की गई थीं। प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान शुरू किया और देखते ही देखते कई अवैध दुकानों, ढांचों और कंक्रीट के निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।

    टीएमसी पार्षद के दफ्तर समेत कई क्लबों पर कार्रवाई

    इस बेदखली अभियान के दौरान स्थानीय राजनीति और सामाजिक जीवन से जुड़े कई भवनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बुलडोजर की कार्रवाई में कई साल पुराने क्लब और राजनीतिक दलों के कार्यालय पूरी तरह टूट गए। इनमें सबसे प्रमुख रूप से टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र का कार्यालय शामिल था, जिसे पूरी तरह ढहा दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से इलाके के राजनीतिक गलियारों में आक्रोश और हलचल का माहौल है।

    तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

    सालों पुराने निर्माणों और राजनीतिक दफ्तरों को तोड़े जाने के कारण बर्नपुर स्टेशन और उसके आस-पास के इलाकों में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच भारी असंतोष देखा गया। कार्रवाई के दौरान कुछ समय के लिए मौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और विरोध की आशंका भी बनी हुई थी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी व सतर्कता के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here