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    गाजीपुर हादसा: बाइक को टक्कर मार 100 मीटर तक घसीटता ले गया ट्रेलर

    गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ के नोनहरा थाना अंतर्गत बौरी चट्टी के पास रविवार देर रात एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर युवकों को करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया, जिससे तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों और पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। सूचना मिलने के बाद मुस्तैद हुई पुलिस ने घेराबंदी करके आरोपी चालक को ट्रेलर समेत हिरासत में ले लिया है।

    नोनहरा थाना प्रभारी विवेक कुमार तिवारी के अनुसार, इंग्लिश गाँव के रहने वाले गोविंद राम की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इंग्लिश गाँव से एक बारात कासिमाबाद कोतवाली के खेताबपुर गाँव गई हुई थी। इसी शादी समारोह से वापस लौटते समय रात के करीब 11 बजे एक ही बाइक पर सवार तीन युवक अपने घर की तरफ आ रहे थे। तभी बौरी चट्टी के पास पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रेलर ने उन्हें रौंद दिया।

    गाँव और परिवारों में छाया मातम

    टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े और फौरन पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाकाबंदी की और भाग रहे ट्रेलर ड्राइवर को गाड़ी सहित दबोच लिया।

    इस सड़क दुर्घटना में इंग्लिश गाँव के रहने वाले सुमित कुमार (21 वर्ष, पिता- अजय राम), नीरज कुमार (18 वर्ष, पिता- योगेंद्र राम) और हंसराजपुर निवासी नितेश राम (17 वर्ष, पिता- सूरज राम) की जान चली गई। बताया जा रहा है कि नितेश, योगेंद्र राम का भांजा था और अपने ननिहाल आया हुआ था। तीनों दोस्तों की मौत की खबर जैसे ही गाँव पहुँची, वहाँ चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने तीनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    नीरज के घर सालभर में दूसरा बड़ा हादसा

    हादसे का शिकार हुआ नीरज चार भाइयों में तीसरे स्थान पर था। नियति का क्रूर मजाक देखिए कि ठीक एक साल पहले उसके छोटे भाई की भी सड़क दुर्घटना में ही मौत हुई थी। पिता मेहनत-मजदूरी करके घर चलाते हैं, और सालभर के भीतर दूसरे जवान बेटे को खोने के बाद माँ हैवंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

    होनहार कबड्डी खिलाड़ी था सुमित

    मृतकों में शामिल सुमित अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा और सबका लाडला था। वह खेलकूद में काफी आगे था और एक बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ी के रूप में पहचान बना रहा था। मजदूरी करने वाले उसके पिता और माँ राधिका देवी सहित पूरे परिवार का रोना देखा नहीं जा रहा है।

    बनारस में रहकर भविष्य संवार रहा था नितेश

    अपने दो भाइयों में बड़े नितेश के कंधों पर परिवार की काफी उम्मीदें टिकी थीं। वह वाराणसी (बनारस) में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ था। उसके पिता भी श्रमिक हैं। बेटे की अचानक मौत की खबर सुनते ही माँ संतरा देवी सुध-बुध खो बैठी हैं।

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