More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशअब सुलझेगी ट्विशा मौत की गुत्थी? CBI ने दर्ज की FIR, जांच...

    अब सुलझेगी ट्विशा मौत की गुत्थी? CBI ने दर्ज की FIR, जांच अपने हाथ में ली

    भोपाल: मशहूर एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की एंट्री हो गई है। सोमवार रात को सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपनी एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। सीबीआई ने मध्य प्रदेश की भोपाल पुलिस से इस पूरे केस को अपने हाथ में ले लिया है (टेकओवर)। इसके साथ ही भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पहले से दर्ज मामले को रिरजिस्टर (फिर से दर्ज) किया गया है। अब इस पूरे केस की गहराई से और बड़े स्तर पर जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी।

    एसआईटी ने किया घटनास्थल का री-क्रिएशन

    सीबीआई के केस संभालने से ठीक पहले, मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की टीम ने अंतिम चरण की कार्रवाई के तहत घटना का री-क्रिएशन (घटना को दोबारा दोहराना) किया। सोमवार रात एसआईटी की टीम आरोपी समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पहुँची। टीम ने घटना वाले स्थान पर जाकर पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली। एसआईटी वहाँ मुख्य रूप से सुसाइड नोट की तलाश कर रही थी। इस दौरान टीम ने आरोपी समर्थ का मोबाइल, लैपटॉप और उसका पासपोर्ट जैसी कई अहम चीजें अपने कब्जे में ले ली हैं। इस री-क्रिएशन से पहले पुलिस ने समर्थ से करीब 3 घंटे तक पूछताछ भी की थी।

    मां को देखकर भावुक हुआ आरोपी समर्थ

    जब सोमवार रात एसआईटी की टीम आरोपी समर्थ सिंह को लेकर री-क्रिएशन के लिए उसके घर पहुँची, तो वहाँ का माहौल काफी भावुक हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घर पर अपनी मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को सामने देखकर समर्थ अपने आंसू नहीं रोक पाया और भावुक हो गया। हालांकि, केस की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी के अधिकारियों ने समर्थ को अपनी मां गिरिबाला सिंह से ज्यादा बातचीत करने की इजाजत नहीं दी।

    सात दिन की पुलिस रिमांड पर है आरोपी

    एक्ट्रेस ट्विशा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह फिलहाल सात दिनों की पुलिस रिमांड पर चल रहा है और आज उसकी रिमांड का तीसरा दिन है। पुलिस लगातार समर्थ से इस केस से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान समर्थ ने खुद को बेकसूर बताया है। उसका दावा है कि ट्विशा ग्लैमर की दुनिया से जुड़ी हुई थी और मां बनने (प्रेग्नेंसी) के बाद उसका व्यवहार काफी बदल गया था। समर्थ के मुताबिक, ट्विशा एक आम घरेलू जिंदगी नहीं जीना चाहती थी।

    सुप्रीम कोर्ट ने दी मीडिया ट्रायल से बचने की हिदायत

    ट्विशा शर्मा की मौत का यह मामला अब एक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी शनिवार को खुद संज्ञान (सुओ मोटो) लिया था। इसके बाद 25 मई को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों परिवारों के सदस्यों को सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया को भी सख्त हिदायत दी है कि वे परिवार के लोगों का इंटरव्यू न लें और इस मामले में किसी भी तरह के 'मीडिया ट्रायल' से पूरी तरह दूर रहें।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here