ग्रामीण रोजगार गारंटी बढ़ाकर 125 दिन करने से समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती
अलवर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम ग्रामीण भारत के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों तक मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार सुरक्षा भी बढ़ेगी।
यह नया अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह आधुनिक और अधिक प्रभावी ढांचा प्रदान करेगा। पहले जहां ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय अधिक स्थिर होगी और वे राष्ट्रीय विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकेंगे।
ग्राम पंचायतों को मिलेगी अधिक शक्ति
अधिनियम के तहत ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ को विशेष महत्व दिया गया है। सभी विकास कार्य ग्राम पंचायत स्तर से प्रस्तावित होंगे और ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ाए जाएंगे। इससे पंचायतों की भूमिका मजबूत होगी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।
जल संरक्षण और ग्रामीण अवसंरचना पर फोकस
योजना के अंतर्गत रोजगार को जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका विकास और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों से जोड़ा गया है। इसके तहत जल संचयन संरचनाएं, ग्रामीण सड़कें, आजीविका से जुड़े संसाधन और पर्यावरण संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
समय पर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था
अधिनियम में मजदूरी भुगतान को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। श्रमिकों को साप्ताहिक आधार पर अथवा अधिकतम 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। देरी होने की स्थिति में मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।
कृषि और श्रमिक हितों में संतुलन
बुवाई और कटाई के समय कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्यों को 60 दिनों तक की समेकित विराम अवधि घोषित करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि श्रमिकों के 125 दिनों के रोजगार अधिकार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता को बढ़ावा
अधिनियम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग और रियल टाइम डैशबोर्ड जैसी तकनीकों के उपयोग का प्रावधान किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं ग्राम सभाओं द्वारा सोशल ऑडिट को भी मजबूत किया जाएगा।
ग्रामीण भारत को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों के अनुसार विकसित भारत-जी राम जी मिशन ग्रामीण भारत में रोजगार, विकास और सामाजिक सुरक्षा के नए युग की शुरुआत करेगा। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगी।
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