More
    Homeसरिस्का में नेचर सेंटर के लिए एमओयू, वन संरक्षण को मिलेगी मजबूती

    सरिस्का में नेचर सेंटर के लिए एमओयू, वन संरक्षण को मिलेगी मजबूती

    टाको और शाइन फाउंडेशन की पहल, सरिस्का व रणथम्भौर में वन्यजीव संरक्षण सुविधाओं का होगा विस्तार

    जयपुर। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में जयपुर स्थित अरण्य भवन में वन विभाग और वेदांता समूह की सामाजिक प्रभाव संस्था ‘द एनिमल केयर ऑर्गेनाइजेशन (TACO)’ के बीच सरिस्का टाइगर रिजर्व में अग्निवेश अग्रवाल नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर (NIC) स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

    नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए एमओयू
    नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए एमओयू

    इसके साथ ही शाइन फाउंडेशन द्वारा सरिस्का में 1.04 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए भी एमओयू किया गया। इस कन्वेंशन सेंटर का उपयोग वन विभाग सम्मेलन, बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए करेगा।

    एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में वन मंत्री संजय शर्मा, वेदांता लिमिटेड की नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन श्रीमती प्रिया अग्रवाल हेब्बर सहित वन विभाग और वेदांता समूह के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    प्रस्तावित नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण शिक्षा को प्रोत्साहित करना और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह केंद्र आगंतुकों और स्थानीय लोगों को जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को समझने में मदद करेगा।

    इस अवसर पर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के लिए आठ निगरानी वाहनों को भी रवाना किया गया। ये वाहन 24 घंटे निगरानी, गश्त को मजबूत करने और वन्यजीव सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक होंगे।

    वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं और इन नई परियोजनाओं से संरक्षण कार्यों को और गति मिलेगी। वहीं प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि सरिस्का में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और रणथम्भौर के लिए निगरानी वाहन जागरूकता और सुरक्षा के दो महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूत करेंगे।

    TACO संस्था ‘मिशन वनरक्षा’ के तहत काजीरंगा नेशनल पार्क, जोरहाट फॉरेस्ट डिवीजन, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और रणथम्भौर टाइगर रिजर्व सहित कई क्षेत्रों में निगरानी वाहन, एंटी-पोचिंग कैंप और वन्यजीव संरक्षण सुविधाएं उपलब्ध करा चुकी है।

    संस्था ने वर्ष 2022 से अब तक देशभर में 12 लाख से अधिक पशुओं के बचाव, उपचार, टीकाकरण और नसबंदी जैसे कार्य किए हैं। साथ ही फरीदाबाद, गुरुग्राम, गोवा और वाराणसी में एकीकृत पशु कल्याण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here