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    Homeराजनीतिभाजपा का बड़ा फैसला: हर्ष मल्होत्रा बने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष

    भाजपा का बड़ा फैसला: हर्ष मल्होत्रा बने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष

    नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा और महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी नेतृत्व की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। दिल्ली भाजपा में पिछले कई महीनों से चल रही बदलाव की अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।

    वीरेंद्र सचदेवा की जगह संभालेंगे कमान

    हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष पद पर वीरेंद्र सचदेवा की जगह लेंगे। सचदेवा के कार्यकाल में भाजपा ने दिल्ली की राजनीति में 27 वर्षों के बाद ऐतिहासिक वापसी की थी, जिसके तहत दिल्ली में नगर निगम, लोकसभा और सहकारी स्तर पर 'ट्रिपल इंजन' सरकार बनाने का रिकॉर्ड बना था। तत्कालीन अध्यक्ष आदेश गुप्ता के इस्तीफे के बाद दिसंबर 2022 में वीरेंद्र सचदेवा को कार्यकारी और बाद में मार्च 2023 में स्थायी अध्यक्ष बनाया गया था।

    मोदी सरकार में मंत्री हैं हर्ष मल्होत्रा

    दिल्ली की कमान संभालने वाले हर्ष मल्होत्रा वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार में भी एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी ने उनके प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव को देखते हुए आगामी चुनौतियों के लिए दिल्ली की जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाली है।

    लंबे समय से चल रहा था मंथन

    दिल्ली में नए कप्तान की खोज पिछले साल से ही शुरू हो गई थी। राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने पिछले वर्ष जुलाई में दिल्ली के सभी भाजपा सांसदों, वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ एक गुप्त बैठक कर नए अध्यक्ष को लेकर व्यापक रायशुमारी की थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों के व्यस्त घटनाक्रम के चलते इस फैसले को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।

    पंजाबी समुदाय और सामाजिक समीकरणों पर भरोसा

    दिल्ली की राजनीति में पंजाबी समुदाय की एक बड़ी और निर्णायक आबादी मानी जाती है, जिसे भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक भी कहा जाता है। वीरेंद्र सचदेवा के बाद एक बार फिर हर्ष मल्होत्रा के रूप में पार्टी ने इसी मजबूत सामाजिक समीकरण पर अपना भरोसा जताया है। अध्यक्ष पद की इस रेस में हर्ष मल्होत्रा के साथ-साथ राजीव बब्बर के नाम की भी चर्चा चल रही थी, लेकिन अंततः आलाकमान ने मल्होत्रा के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई।

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