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    Homeराज्यछत्तीसगढ़अम्बिकापुर: समय-सीमा बैठक में अपर कलेक्टर ने विभागों की कार्यप्रणाली परखी

    अम्बिकापुर: समय-सीमा बैठक में अपर कलेक्टर ने विभागों की कार्यप्रणाली परखी

    कोरबा: जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य सभाकक्ष में सोमवार को एक महत्वपूर्ण साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर अजीत वसंत के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर सुनील नायक ने की। बैठक के दौरान जिले में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान विशेष रूप से 'सुशासन तिहार' अभियान के अंतर्गत आम जनता से मिले आवेदनों और उन पर की गई कार्रवाई की स्थिति को परखा गया। अपर कलेक्टर ने दो टूक कहा कि सुशासन तिहार का असली मकसद नागरिकों की शिकायतों का तय समय के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ समाधान करना है। उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे लंबित मामलों को प्राथमिकता पर लें और उनका जल्द से जल्द निपटारा करें।

    विभागवार समीक्षा और खाद-बीज की उपलब्धता पर जोर

    बैठक में प्रशासनिक स्तर पर कई अहम फैसले और समीक्षाएं की गईं:

    • प्रत्येक विभाग को मिले कुल आवेदनों, अब तक सुलझाए गए मामलों और बचे हुए प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली गई।

    • आगामी कृषि सीजन को देखते हुए जिले में खाद और उन्नत बीजों के स्टॉक तथा उनके वितरण नेटवर्क की समीक्षा की गई।

    अपर कलेक्टर ने कृषि विभाग के अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि मानसून से पहले किसानों को सहकारी समितियों और केंद्रों के माध्यम से समय पर खाद-बीज मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें खेती-किसानी में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    जनशिकायत पोर्टलों की हुई कड़ाई से मॉनिटरिंग

    अपर कलेक्टर सुनील नायक ने शासन स्तर और जिला स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम जनदर्शन, पीजी पोर्टल (PG Portal), कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल और जन शिकायतों के जितने भी मामले पेंडिंग हैं, उन्हें समय-सीमा के भीतर क्लोज किया जाए। कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त डी एन कश्यप सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस प्रशासनिक सख्ती के बाद कटघोरा और कोरबा के शासकीय महकमों में लंबित फाइलों को निपटाने की कवायद तेज हो गई है।

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