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    Homeराजस्थानअलवरमुंडिया खेड़ा हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद

    मुंडिया खेड़ा हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद

    तीन साल बाद हत्या मामले में न्याय, मुंडिया खेड़ा हत्याकांड में पीड़ित परिवार को मिली राहत

    अलवर। जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित मुंडिया खेड़ा गांव में वर्ष 2023 में हुए चर्चित हत्याकांड में एडीजे नंबर-3 न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। करीब 3 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत और न्याय की जीत माना जा रहा है।

    सरकारी अधिवक्ता अजीत यादव ने बताया कि न्यायाधीश ज्योति के. सोनी ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा अन्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोपी आसू मोहम्मद उर्फ आसू, ईसे खां और वकीला को हत्या का दोषी करार दिया।

    प्रकरण के अनुसार 18 जुलाई 2023 को मुंडिया खेड़ा निवासी हासम पुत्र रहमान ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि उसका बड़ा भाई शरीफ, अरबाज, उमेर, समीना और अमीना खेत से ट्रैक्टर द्वारा चारा लेने गए थे। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी तथा सरियों से हमला कर दिया।

    हमले में कई लोग घायल हो गए थे, जबकि गंभीर रूप से घायल शरीफ को उपचार के लिए अलवर के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए तथा मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार किया।

    अदालत ने तीनों दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं कराने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अतिरिक्त मृतक शरीफ के आश्रितों को पीड़ित प्रतिकर योजना का लाभ दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर को अनुशंसा भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    करीब 3 वर्षों तक चले इस बहुचर्चित मामले में फैसला आने के बाद मृतक पक्ष ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है। वहीं क्षेत्र में भी इस फैसले को न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करने वाला निर्णय माना जा रहा है।

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