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    प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अलवर में क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित, 14.06 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित

    2500 कर्मचारी लाभार्थियों और 561 संस्थानों को डीबीटी के माध्यम से मिला लाभ, 14 युवाओं को सौंपे गए नियुक्ति पत्र

    अलवर। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण का क्षेत्रीय कार्यक्रम शुक्रवार को अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान अलवर जिले के 2,500 कर्मचारी लाभार्थियों को लगभग 1 करोड़ 6 लाख रुपये तथा 561 संस्थानों को करीब 13 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से वितरित की गई। इस प्रकार कुल लगभग 14 करोड़ 6 लाख रुपये की सहायता राशि जारी की गई। साथ ही विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा 14 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।

    जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना देश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना से युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो रहा है और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।

    ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त प्रथम भूपेंद्र यादव ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह केंद्र सरकार की प्रमुख रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं में शामिल है और इसकी शुरुआत 1 अगस्त 2025 से की गई थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।

    उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले ऐसे कर्मचारी, जिनका कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पहली बार पंजीकरण हुआ हो और जिनकी मासिक आय एक लाख रुपये तक हो, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। पात्र कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किश्त छह माह की सेवा पूरी होने पर तथा दूसरी किश्त एक वर्ष पूरा होने पर दी जाती है।

    योजना के अंतर्गत अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर नियोक्ता को 3 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान की जाती है। विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह लाभ चार वर्ष तक तथा अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो वर्ष तक दिया जाता है।

    क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि नियोक्ता प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों के लिए उमंग ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक द्वारा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जनरेट किया जाना आवश्यक है।

    कार्यक्रम में नियोक्ता निकुंज सांगी एवं कर्मचारी रोहित सिंह ने योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन ओमप्रकाश लखवानी, ईएसआईसी के संयुक्त निदेशक मुकेश मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शैलेन्द्र कुमार जैन सहित अनेक अधिकारी, औद्योगिक प्रतिनिधि, नियोक्ता, लाभार्थी एवं युवा उपस्थित रहे।

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