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    ‘मैं बॉस हूं’ वाले बयान की ट्रंप ने की व्याख्या, कहा- मजाक को बना दिया मुद्दा

    वॉशिंगटन। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया के शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई एक अनौपचारिक टिप्पणी अचानक वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई। सम्मेलन कक्ष में प्रवेश करते वक्त ट्रंप ने बेहद चुटीले अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा था, 'मैं बॉस हूँ।' यह बयान देखते ही देखते इंटरनेट मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया और इस पर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। अब इस पूरे मामले पर खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा है कि उनके इस बयान का मकसद किसी अन्य देश के नेता पर अपना रसूख या रौब जमाना बिल्कुल नहीं था, बल्कि वे केवल मजाक कर रहे थे। ट्रंप का मानना है कि उनकी इस टिप्पणी को वास्तविक संदर्भ से काटकर देखा गया और लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा गंभीरता से ले लिया।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी टिप्पणी पर क्या स्पष्टीकरण दिया?

    एक विशेष बातचीत के दौरान जब ट्रंप से जी7 बैठक के उस चर्चित वाक्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह एक विशुद्ध रूप से मजाकिया पल था और वे किसी भी वैश्विक नेता के सामने खुद को सर्वश्रेष्ठ या सर्वोपरि दिखाने का प्रयास नहीं कर रहे थे। ट्रंप ने उस पल की कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि जब वे मुख्य बैठक कक्ष के भीतर पहुंचे, तो वहां दुनिया के कई ताकतवर देशों के प्रमुख पहले से ही अपनी कुर्सियों पर मौजूद थे। उसी गंभीर माहौल को थोड़ा दोस्ताना और हल्का-फुल्का बनाने के उद्देश्य से उन्होंने सहज भाव में कह दिया, 'मैं बॉस हूँ।' ट्रंप ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी होती है कि कैसे एक बेहद सामान्य से परिहास (मजाक) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया।

    शिखर सम्मेलन के भीतर क्या था वास्तविक घटनाक्रम?

    यह पूरा वाकया जी7 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन की सुबह आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान का है। जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने कक्ष में कदम रखा और यह टिप्पणी की, वहां मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच का तनाव कम हो गया और पूरा कमरा हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। ट्रंप की यह बात सुनकर वहां उपस्थित कई राजनेता मुस्कुराने लगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस चुटकी को बेहद सकारात्मक तरीके से लिया और गर्मजोशी से आगे बढ़कर ट्रंप से कुशलक्षेम पूछते हुए कहा, 'आप कैसे हैं?' इसके जवाब में ट्रंप ने सहजता से कहा, 'मैं बिल्कुल ठीक हूँ, आपका शुक्रिया।' इस पूरे वाकये को सम्मेलन के एक बेहद अनौपचारिक और खुशनुमा पल के रूप में दर्ज किया गया था।

    वैश्विक मंच पर माहौल को सामान्य करने की थी कोशिश

    डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उस कमरे में बैठे सभी लोग अंतरराष्ट्रीय राजनीति की बड़ी हस्तियां हैं और अपने-अपने लोकतांत्रिक देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे कूटनीतिक माहौल में जहां गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी थी, उन्होंने सिर्फ एक बर्फ तोड़ने (आइस-ब्रेकर) और माहौल को खुशनुमा करने के लिए यह बात कही थी। उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक विश्लेषक या व्यक्ति को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वे हकीकत में खुद को अन्य वैश्विक महाशक्तियों का लीडर या बॉस घोषित कर रहे थे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से हास्य-विनोद का एक हिस्सा था, भले ही बाद में इसे लेकर दुनिया भर के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की व्याख्याएं और प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं।

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