More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशसेना के डॉक्टर पति पर आरोपों की बौछार, बेटी को न्याय दिलाने...

    सेना के डॉक्टर पति पर आरोपों की बौछार, बेटी को न्याय दिलाने की गुहार

    जबलपुर। नवविवाहिता कविता नागार्जुन की रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का संवेदनशील मामला अब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की चौखट पर पहुंच गया है। मृतका के पिता ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की अब तक की कार्यशैली और तफ्तीश पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने पूरे मामले की तह तक जाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र जांच कराने की गुहार लगाते हुए जबलपुर खंडपीठ में एक क्रिमिनल रिट पिटीशन (याचिका) दायर की है। गौरतलब है कि 9 जून 2025 को, विवाह के महज 3 महीने के भीतर ही कविता की संदेहास्पद स्थिति में जान चली गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना वाले दिन ही वह अपने पति मेजर डॉ. ओम नागार्जुन के साथ रहने के लिए मिलिट्री कैंट इलाके में आई थी। पिता का सीधा आरोप है कि साक्ष्यों को छुपाने के लिए अस्पताल ले जाने में जानबूझकर देरी की गई, और यह पूरी तरह से दहेज हत्या का संगीन मामला है।

    ससुराल पक्ष की थ्योरी फेल: अस्पताल के दस्तावेजों से हुआ बड़ा खुलासा

    वारदात के बाद कविता के पति और ससुराल वालों ने दावा किया था कि वह बाथरूम में अचानक पैर फिसलने से गिर गई थी, जिसके बाद दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) की वजह से उसकी असमय मृत्यु हो गई। हालांकि, कविता के पिता ने अस्पताल के आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड्स के हवाले से इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज करते हुए कोर्ट के सामने एक बड़ा विरोधाभास पेश किया है। याचिका में दर्ज तथ्यों के मुताबिक, बाथरूम में गिरने की कथित घटना के करीब 3 घंटे बाद कविता को सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। पिता ने कानूनी सवाल उठाया है कि अगर यह महज एक आकस्मिक दुर्घटना थी, तो तड़पती हुई पीड़िता को तुरंत चिकित्सीय सहायता क्यों नहीं दिलाई गई? यह तीन घंटे का लंबा समय ससुराल पक्ष की संलिप्तता की ओर साफ इशारा करता है।

    करोड़ों के खर्च और 100 तोला सोने के बाद भी 2 करोड़ की अतिरिक्त मांग

    पीड़ित परिवार ने दामाद मेजर डॉ. ओम नागार्जुन और उनके करीबियों पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं। पिता के अनुसार, उन्होंने बेटी की खुशहाली के लिए विवाह में अपनी हैसियत से कहीं आगे जाकर करीब 100 तोला सोना और लगभग 3 करोड़ रुपये नकद व अन्य सामग्री के रूप में खर्च किए थे। इतनी बड़ी रकम और कीमती उपहारों के बाद भी ससुराल वालों का लालच कम नहीं हुआ। आरोप है कि वे कविता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर मायके से 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी लाने का लगातार दबाव बना रहे थे। मांग पूरी न होने पर सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया। अब इस पूरे घटनाक्रम और स्थानीय पुलिस की ढीली कार्रवाई के बीच, उच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई और उसके रुख पर शहर के कानूनविदों की नजरें टिकी हुई हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here