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    NH-220 पर बड़ा सड़क हादसा, चार भारी वाहन आपस में भिड़े; दो की गई जान

    सरायकेला। राष्ट्रीय राजमार्ग-220 (NH-220) पर स्थित राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग पर देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें दो भारी वाहनों के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर के बाद दोनों चालकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना रोला-खैरबनी मोड़ के पास रात के करीब एक बजे उस समय हुई जब तेज रफ्तार में आ रहे एक हाइवा और एक ट्रेलर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ही वाहनों के इंजन में पलक झपकते ही भयंकर आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।

    टक्कर के बाद लगी भीषण आग, केबिन में फंसे चालक की जिंदा जलकर मौत

    इस दर्दनाक अग्निकांड में ट्रेलर का चालक वाहन के क्षतिग्रस्त केबिन के भीतर ही बुरी तरह फंस गया और उसे बाहर निकलने का मौका नहीं मिला, जिससे वह जिंदा जल गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर, हाइवा के चालक को स्थानीय लोगों और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बेहद गंभीर हालत में बाहर निकाला और तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी अचानक और तेज थी कि दोनों ही वाहन चालकों को संभलने या ब्रेक लगाने का जरा भी अवसर नहीं मिल सका।

    बचाव की कोशिश में पीछे चल रहे दो अन्य ट्रेलर भी आपस में टकराकर पलटे

    मुख्य दुर्घटना के दौरान लगी आग और मलबे की भयावहता को देखकर पीछे से आ रहे दो अन्य भारी ट्रेलर चालकों ने अपने वाहनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इस कोशिश में वे दोनों वाहन भी आपस में अनियंत्रित होकर टकरा गए। इस दूसरी टक्कर के बाद दोनों ट्रेलर सड़क किनारे खेतों में जाकर पलट गए, जिससे उन दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही राजनगर थाने की पुलिस टीम और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों को धधकती आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लगा, लेकिन तब तक दोनों मुख्य वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे।

    सड़क संकरी होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने की एनएच को फोरलेन बनाने की मांग

    पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। इस भीषण हादसे के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द फोरलेन (चार लेन) में तब्दील करने की पुरजोर मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस औद्योगिक मार्ग पर चौबीसों घंटे भारी वाहनों का दबाव रहता है, जबकि सड़क बेहद संकरी है जिसके कारण यहां आए दिन जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से इस रूट के चौड़ीकरण और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की गुहार लगाई है।

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