कामवन में विजयमती माताजी को स्थायी सम्मान देने की मांग, जैन समाज ने जिला प्रशासन से की पहल
डीग/कामवन। धर्मनगरी कामवन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पहचान को स्थायी सम्मान दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सकल दिगम्बर जैन समाज, कामवन ने जिला कलेक्टर मयंक मनीष को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन धर्म की प्रथम गणिनी आर्यिका रत्न पूज्य विजयमती माताजी की स्मृति में एक प्रमुख सर्किल/चौराहे का निर्माण कर उसका नाम “प्रथम गणिनी आर्यिका रत्न विजयमती माताजी सर्किल” रखने की मांग की गई। इसी क्रम में जुरहरा जैन समाज ने भी अलग से समर्थन ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
सकल दिगम्बर जैन समाज, कामवन के अध्यक्ष अनिल जैन लहसरिया ने कहा कि डीग जिला अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। कामवन, जहां ब्रज संस्कृति के साथ जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा भी रही है, जैन धर्म की प्रथम गणिनी आर्यिका रत्न विजयमती माताजी की जन्मस्थली होने का गौरव रखता है। इसके बावजूद आज तक उनकी स्मृति में किसी प्रमुख चौराहे या सर्किल का नामकरण नहीं होना जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं कामां निवासी उदयभान जैन बड़जात्या ने बताया कि विजयमती माताजी ने अपने तप, त्याग, वैराग्य, संयम और आध्यात्मिक साधना से जैन धर्म के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, करुणा, आत्मसंयम और सदाचार—का देशभर में व्यापक प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने भारत के विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों का पदविहार कर जन-जन तक अहिंसा एवं धर्म का संदेश पहुंचाया। उनका जीवन केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
संजय जैन बड़जात्या ने कहा कि विजयमती माताजी ने पूरे देश में जैन धर्म के उत्थान और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने लाखों लोगों को संयम, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। ऐसे महान व्यक्तित्व की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके नाम पर भव्य सर्किल या चौराहे का निर्माण समय की आवश्यकता है।
ज्ञापन में सुझाव दिया गया कि कामवन का वह प्रमुख चौराहा, जहां से बोलखेड़ा, कोसी, पहाड़ी एवं जुरहरा मार्ग की ओर आवागमन होता है, इस सर्किल के निर्माण एवं नामकरण के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हो सकता है। इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई गरिमा मिलेगी तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी कामवन की आध्यात्मिक विरासत की जानकारी प्राप्त होगी।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस ऐतिहासिक मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन इस मांग को स्वीकार कर धर्मनगरी कामवन की गौरवशाली विरासत को स्थायी सम्मान प्रदान करेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उदयभान जैन (राष्ट्रीय महामंत्री, जैन पत्रकार महासंघ), वीरेंद्र जैन (अध्यक्ष, डीग जैन समाज), ओमप्रकाश जैन (अध्यक्ष, सीकरी), संजय जैन बड़जात्या, संजय सर्राफ (कामवन), पुष्पेंद्र जैन (सीकरी), तरुण जैन (जुरहरा), शीतल जैन (कुम्हेर) सहित जैन समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वहीं जुरहरा जैन समाज के प्रतिनिधियों ने भी अलग से ज्ञापन सौंपकर विजयमती माताजी के नाम पर सर्किल/चौराहे के नामकरण की मांग दोहराई।
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