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    डीजल से भरा टैंकर पलटने के बाद मौके पर जुटी भीड़, प्रशासन के लिए बनी चुनौती

    सोनभद्र| उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से इस वक्त एक बड़ी और बेहद संवेदनशील दुर्घटना की खबर आ रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन की धड़कनों को बढ़ा दिया है। शुक्रवार की अलसुबह थाना बैढ़न क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परसौना गांव में एक बहुत बड़ा हादसा घटित हो गया। बैढ़न-बरगवां मुख्य मार्ग पर देवसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कार्यालय के ठीक सामने डीजल से पूरी तरह लबालब भरा एक विशाल टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया और तेज गति के कारण बीच सड़क पर ही पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें से तेजी के साथ डीजल का रिसाव (लीकेज) शुरू हो गया, जिसने कुछ ही मिनटों में एक बड़े खतरे का रूप ले लिया। इस भीषण हादसे के चलते बैढ़न-बरगवां मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है और सड़क के दोनों तरफ कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    खुटार चौकी पुलिस की टीम मौके पर तैनात, राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासनिक मशीनरी

    जैसे ही इस गंभीर सड़क हादसे और डीजल रिसाव की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, खुटार पुलिस चौकी की टीम बिना वक्त गंवाए तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता और आग लगने के बड़े खतरे को भांपते हुए सबसे पहले पूरे इलाके की घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) की और वहां से आम लोगों को दूर हटाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और संबंधित तेल कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों को दी, ताकि टैंकर से हो रहे रिसाव को जल्द से जल्द रोका जा सके और किसी भी प्रकार की अनहोनी या बड़ी आगजनी की घटना को टाला जा सके। सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर यातायात को डायवर्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    जान जोखिम में डालकर डीजल लूटने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, बाल्टी और डिब्बों के साथ मची अफरा-तफरी

    जहाँ एक तरफ पुलिस और प्रशासन इस हादसे को एक बड़े खतरे के रूप में देख रहे थे और रिसाव को रोकने की जद्दोजहद में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ आसपास के गांवों के लिए यह मौका मुफ्त का ईंधन बटोरने का जरिया बन गया। टैंकर पलटने और डीजल बहने की खबर जैसे ही आग की तरह परसौना और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैली, देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बगैर मौके पर इकट्ठा होने लगे। लोग अपने घरों से जो हाथ लगा—जैसे प्लास्टिक के डिब्बे, बड़ी बाल्टियां, ड्रम, बोतलें और अन्य घरेलू बर्तन लेकर रिसाव वाले स्थान पर टूट पड़े। बीच सड़क पर डीजल लूटने की यह होड़ इतनी भयानक थी कि लोग टैंकर के बिल्कुल करीब पहुंचकर अपनी बाल्टियां भरने लगे।

    एक छोटी सी चिंगारी बन सकती है महाविनाश का कारण, पुलिस लगातार दे रही है चेतावनी

    मौके पर मौजूद खुटार चौकी पुलिस के जवानों ने ग्रामीणों को समझाने और वहां से खदेड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुफ्त के डीजल के लालच में लोग अपनी सुरक्षा को पूरी तरह भूल चुके हैं और पुलिस की हिदायतों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। रक्षा और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोलियम पदार्थों के ऐसे हादसों के समय हवा में अत्यधिक ज्वलनशील गैसें फैल जाती हैं, जहाँ एक छोटी सी चिंगारी या किसी ग्रामीण द्वारा जलाई गई माचिस या बीड़ी-सिगरेट पूरे इलाके को पल भर में राख के ढेर में बदल सकती है। फिलहाल पुलिस प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुला रहा है, ताकि लोगों को वहां से सुरक्षित दूरी पर रखा जा सके और पलटे हुए टैंकर को क्रेन की मदद से सीधा कर मार्ग को दोबारा बहाल किया जा सके।

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