लक्ष्मणगढ़ में अतिक्रमण कार्रवाई का विरोध, व्यापारियों ने नोटिस वापस लेने और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की मांग उठाई
लक्ष्मणगढ़। नगर पालिका द्वारा मुख्य बाजार के व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को लक्ष्मणगढ़ कस्बे के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और एकजुट होकर उपखंड अधिकारी एवं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने नोटिसों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कस्बे में कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर स्थायी अतिक्रमण कर दुकानें और मकान बना लिए गए हैं। उन्होंने सार्वजनिक कुओं, नजूल संपत्ति, सिंचाई विभाग की नहर तथा सार्वजनिक नल की भूमि पर हुए कथित अवैध कब्जों को हटाने की मांग करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करने का आग्रह किया।
व्यापारियों का कहना था कि उनकी अधिकांश दुकानें सड़क सीमा के भीतर स्थित हैं, जिससे यातायात बाधित नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश प्रतिष्ठान वर्षों पुराने, पुश्तैनी हैं तथा उनके पास स्वामित्व संबंधी वैध दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। ऐसे में नगर पालिका द्वारा जारी किए गए अतिक्रमण नोटिस उचित नहीं हैं और इन्हें वापस लिया जाना चाहिए।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई करते समय वैध एवं अवैध निर्माणों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए तथा वास्तविक सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व सरपंच बच्चू तिवारी, सुमेरचंद जैन, रवि शर्मा, भाजपा नेता प्रदीप जैन, हेमंत खारवाल, विक्रम भंडारी, तूफान बाना, गजेंद्र शर्मा, चिमन पंजाबी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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