नई दिल्ली। देश के कूटनीतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक यात्रा संपन्न की है, जिसने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। विगत चार दशकों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, जो वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मील का पत्थर साबित होने वाले दौरे के दौरान रक्षा, आधुनिक तकनीक और डिजिटल भुगतान सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड अठारह महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी है, जिसके बाद दोनों देशों के आपसी संबंध अब एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो गए हैं।
चार दशकों का सूखा खत्म कर दोनों देशों के रिश्तों में आया ऐतिहासिक मोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस विशेष कूटनीतिक पहल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरियों को पूरी तरह पाट दिया है। चार दशक के लंबे अंतराल के बाद शीर्ष स्तर पर हुए इस सीधे संवाद से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और वैश्विक मंचों पर सहयोग की एक नई रूपरेखा तैयार हुई है। इस यात्रा के दौरान प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और तकनीकी विकास को लेकर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बेहद सकारात्मक और गंभीर चर्चा हुई, जिसके दूरगामी परिणाम आने वाले समय में पूरी दुनिया के सामने होंगे।
रोडमैप 2030 के तहत द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महालक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने मिलकर एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना 'रोडमैप 2030' को पूरी सहमति के साथ स्वीकार किया है। इस विशेष आर्थिक एजेंडे का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच होने वाले आपसी व्यापार को वर्तमान स्तर से सीधे दोगुना करना है। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से इस बड़े लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल करने में असाधारण गति मिलेगी, जिससे दोनों देशों के घरेलू उद्योगों और निर्यातकों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
पैंतीस हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचेगा व्यापार और होगा भारी निवेश
इस कूटनीतिक समझौते के लागू होने से भारत और न्यूजीलैंड के बीच का द्विपक्षीय व्यापार आने वाले वर्षों में पैंतीस हजार करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े को पार करते हुए लगभग अड़तीस हजार चार सौ बासठ करोड़ रुपये से भी अधिक होने की उम्मीद है। इस व्यापारिक विस्तार के साथ-साथ न्यूजीलैंड सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताते हुए भारत के विभिन्न विकासशील क्षेत्रों में बीस बिलियन डॉलर का एक बड़ा निवेश करने का आधिकारिक वादा भी किया है, जो देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगा।
रक्षा, तकनीक और डिजिटल पेमेंट जैसे अट्ठारह समझौतों से मजबूत हुए संबंध
द्विपक्षीय वार्ता के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, उन्नत तकनीक के आदान-प्रदान और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर कुल अठारह द्विपक्षीय समझौतों को अंतिम रूप दिया है। भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र को अब वैश्विक पहचान मिल रही है, जिसके तहत न्यूजीलैंड में भी इसे बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया जानकारियों को साझा करने की प्रणाली को और अधिक पुख्ता बनाने पर सहमति बनी है, जो भारत की वैश्विक सुरक्षा नीति को और सुदृढ़ करेगी।


