कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में ग्रामीण स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने और आम जनता को उनके घर के नजदीक ही बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। विभाग द्वारा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जर्जर हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जगह अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। बुनियादी ढांचे में होने वाले इस बड़े सुधार से ग्रामीण अंचल में चिकित्सा व्यवस्था का कायाकल्प होगा और मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
तीन प्रमुख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों के निर्माण को मिली मंजूरी
जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले के तीन बड़े गांवों जाखौली, बालू और बाता में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों के निर्माण के प्रशासनिक प्रस्ताव को सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। इन तीनों ही स्थानों पर जल्द ही बजट आवंटन के साथ ही नए परिसरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन केंद्रों के नए भवन बन जाने से आसपास के दर्जनों गांवों की एक बड़ी आबादी को सीधे तौर पर आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
कंडम और किराए की इमारतों से मुक्ति दिलाने के लिए शासन को भेजा नया प्रस्ताव
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के दो अन्य महत्वपूर्ण गांवों पाई और सजूमा के स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली को दूर करने के लिए भी एक विशेष प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा है। वर्तमान में पाई गांव का स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह कंडम और जर्जर हो चुकी बेहद असुरक्षित इमारत में संचालित हो रहा है, जबकि सजूमा गांव का सरकारी अस्पताल पिछले लंबे समय से एक निजी किराए के भवन में जैसे-तैसे चल रहा है। इन दोनों ही स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभागीय स्तर पर जमीन चिह्नित कर नए सरकारी भवनों की मंजूरी मांगी गई है।
नए सर्वसुविधायुक्त परिसर बनने से दूर होगी चिकित्सकों और संसाधनों की भारी कमी
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन सभी चिन्हित स्थानों पर नए और आधुनिक भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद वहां न केवल संसाधनों का विस्तार किया जाएगा, बल्कि चिकित्सा जगत की अन्य आवश्यक सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। नए भवनों के अस्तित्व में आते ही इन केंद्रों पर लंबे समय से खाली चल रहे डॉक्टरों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के स्वीकृत पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। स्टाफ की तैनाती और नई चिकित्सा मशीनें आने से ग्रामीण मरीजों को चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं मिल सकेंगी।
जिला नागरिक अस्पताल पर बढ़ते मरीजों के अत्यधिक दबाव को कम करने की बड़ी कोशिश
वर्तमान में पूरे कैथल जिले के भीतर बाईस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन शहरी स्वास्थ्य केंद्र और छह हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं, लेकिन ये सभी केंद्र इस समय डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की गंभीर किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि बाईस में से बारह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्तमान में एक भी परमानेंट डॉक्टर तैनात नहीं है, जिसके कारण छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी ग्रामीणों को जिला नागरिक अस्पताल आना पड़ता है। ग्रामीण केंद्रों के सुधरने से जिला अस्पताल पर मरीजों का यह भारी दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।


