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    आरा-बलिया फोरलेन को मिली रफ्तार, बिहार और यूपी के बीच आसान होगा सफर

    आरा। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को एक नई तथा अभूतपूर्व रफ्तार देने वाली बेहद महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना अब धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम उठाते हुए आरा से बैरिया होते हुए बलिया तक बनने वाली अत्याधुनिक फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 1564.19 करोड़ रुपये का बड़ा वैश्विक टेंडर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस मार्ग के तैयार होने से दोनों राज्यों के बीच व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन में एक बड़ा और युगांतरकारी बदलाव देखने को मिलेगा।

    बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार

    इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना के निर्माण से बिहार के भोजपुर जिले और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बीच की दूरी न केवल बेहद कम हो जाएगी, बल्कि यात्रा का समय भी आधा रह जाएगा। वर्तमान में दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच यातायात को कई तरह की दिक्कतों और संकरे रास्तों का सामना करना पड़ता था। इस नए और चौड़े राजमार्ग के अस्तित्व में आने से वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच न सिर्फ सामाजिक संबंध प्रगाढ़ होंगे बल्कि आर्थिक विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।

    ईपीसी मोड पर तैयार होगी पंद्रह सौ करोड़ से अधिक की यह महापरियोजना

    एनएचएआई द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस फोरलेन सड़क का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरी तरह से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड के आधार पर किया जाएगा। इस विशेष तकनीक और अनुबंध प्रणाली के तहत निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे सड़क लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बनी रहे। सरकार द्वारा स्वीकृत की गई 1564.19 करोड़ रुपये की यह विशाल धनराशि इस पूरे रूट पर पुल-पुलियाओं के निर्माण, आधुनिक डिवाइडर और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में खर्च की जाएगी।

    सड़क निर्माण के लिए तय की गई चार वर्ष की समय सीमा और पांच साल का मेंटेनेंस

    इस टेंडर प्रक्रिया के तहत काम पाने वाली संबंधित निर्माण एजेंसी के लिए सरकार ने बेहद सख्त और स्पष्ट नियम तय किए हैं। निर्माण कंपनी को कार्य आवंटन के बाद अधिकतम चार वर्षों की समय सीमा के भीतर इस पूरे फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा करके एनएचएआई को सौंपना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, सड़क के बन जाने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक इस पूरे मार्ग की देखरेख, मरम्मत और मेंटेनेंस की पूरी कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी भी उसी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी, जिससे जनता को गड्ढामुक्त सफर मिल सके।

    क्षेत्रीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा और विकास को लगेंगे नए पंख

    आरा से बलिया के बीच इस सुगम और तीव्र सड़क संपर्क का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्रीय व्यापारियों, किसानों और आम जनता को मिलने जा रहा है। कृषि उत्पादों को एक राज्य से दूसरे राज्य की मंडियों तक कम समय में सुरक्षित पहुंचाना अब बेहद आसान हो जाएगा, जिससे मालभाड़े में कमी आएगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। 

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