शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और आबकारी विभाग को समन्वित कार्रवाई के निर्देश, स्कूलों में जागरूकता और अवैध नशे पर सख्ती के आदेश
अलवर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार जिले में बाल नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बुधवार को जिला स्तरीय वॉर्ड एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अम्बा लाल मीणा ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शिक्षा विभाग को विद्यालयों में बाल नशा मुक्ति विषय पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा सके। वहीं, आबकारी विभाग को अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को नशे की लत से प्रभावित बच्चों के उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को कोटपा (COTPA) अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने और प्रतिबंधित तंबाकू एवं नशीले उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने पुलिस विभाग को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा-78 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग वॉर्ड एक्शन प्लान के तहत निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि बाल नशा मुक्ति अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएं।
बैठक में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रविकांत, जिला आबकारी अधिकारी गौरव जौहरी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक लक्ष्मण सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बुटोला, मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रियंका शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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