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    साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, पांच राज्यों से जुड़े मामले में बड़ी गिरफ्तारी

    हापुड़ हापुड़ नगर कोतवाली और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मेरठ जोन में चल रहे 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के गिरोह में हड़कंप मच गया है।

    देश के पांच राज्यों में फैली थी जालसाजी

    थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान एक बैंक खाता संदेह के घेरे में मिला था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जब इस खाते का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो पता चला कि यह खाता देश के पांच अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की वारदातों से सीधे जुड़ा हुआ है। इस खाते के जरिए अब तक कुल 6,46,090 रुपये की अवैध ट्रांजैक्शन की पुष्टि हो चुकी है।

    आरोपी की पहचान और कार्यप्रणाली

    पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि उक्त बैंक खाते का संचालन हापुड़ के गांधी विहार (रेलवे रोड) निवासी रिजवान कर रहा था, जो मूल रूप से सिंभावली थाना क्षेत्र के ग्राम वैट बक्सर का रहने वाला है। आरोप है कि रिजवान ने अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लालच में जानबूझकर अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल देशभर के मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए एक माध्यम के रूप में किया जा रहा था।

    नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

    पुलिस ने आरोपी रिजवान को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जो इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुँचती हैं। पुलिस की साइबर सेल यह पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन-किन अन्य खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से बड़े मास्टरमाइंड सक्रिय हैं।

    साइबर सुरक्षा के प्रति प्रशासन की चेतावनी

    हापुड़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता या कोई भी गोपनीय दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। किसी भी प्रलोभन में आकर अपना खाता साझा करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह आपको किसी बड़ी मुसीबत में भी डाल सकता है। पुलिस का कहना है कि साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

    पुलिस की यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। क्या आप साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सुरक्षा उपायों या रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में कोई और विस्तृत जानकारी चाहते हैं?

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