छात्र संवाद कार्यक्रम में बोले नेता प्रतिपक्ष, सरकार में आने पर पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था करने का किया दावा
जयपुर। कांग्रेस की ओर से नीट पेपर लीक के विरोध में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत शनिवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए नीट पेपर लीक, संविधान, छात्रसंघ चुनाव और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
टीकाराम जूली ने कहा कि यदि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनती है तो पेपर लीक रोकने के लिए ऐसी मजबूत व्यवस्था की जाएगी कि पेपर माफिया इस प्रकार के अपराध से पहले कई बार सोचेंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक मामलों में स्वयं प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और इस अपराध के विरुद्ध सख्त कानून बनाया गया था।
नीट मामले और संविधान पर उठाए सवाल
जूली ने कहा कि नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र सीकर में लीक होने का मामला सामने आया, लेकिन प्राथमिकी राज्य में दर्ज होने के बजाय केंद्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से दर्ज की गई। उन्होंने इस विषय पर जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने संविधान की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को समय पर संचालित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है तथा छात्रसंघ और स्थानीय निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं।
अन्य मुद्दों पर भी रखे विचार
नेता प्रतिपक्ष ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), पर्यावरण संरक्षण, विशेषकर खेजड़ी संरक्षण जैसे विषयों का भी उल्लेख करते हुए अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का आधार है और इसकी मजबूती लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा युवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


