More
    Homeदेशनोएडा एयरपोर्ट परियोजना के 5 साल बाद भी किसान बेहाल, बुनियादी सुविधाओं...

    नोएडा एयरपोर्ट परियोजना के 5 साल बाद भी किसान बेहाल, बुनियादी सुविधाओं के लिए लगाई गुहार

    जेवरजेवर हवाई अड्डे के प्रथम चरण के निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन और घर कुर्बान करने वाले विस्थापित किसान पांच साल बीत जाने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पुनर्वास और पुनर्स्थापन (R&R) कॉलोनी में रहने वाले इन परिवारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद कॉलोनी में जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा रखी है।

    संपूर्ण समाधान दिवस में गूंजी विस्थापितों की पीड़ा

    जेवर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने विस्थापित किसानों ने अपनी आपबीती सुनाई। किसानों ने आरोप लगाया कि पुनर्वास कॉलोनी में न तो जल निकासी की उचित व्यवस्था है और न ही स्वच्छता के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं, जिसके कारण उन्हें नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल फॉगिंग और जल निकासी के स्थाई समाधान की मांग की है।

    जिलाधिकारी ने दिए निस्तारण के कड़े निर्देश

    इस दौरान जिलाधिकरी ने तहसील सभागार के सौंदर्यीकरण कार्य का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। हालांकि, उत्सव के माहौल के बीच विस्थापितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि आर&आर कॉलोनी में व्याप्त समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विस्थापितों को मिलने वाली सुविधाएं फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई दें।

    क्या हैं विस्थापितों की प्रमुख मांगें?

    • जल निकासी और स्वच्छता: बरसात के पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना।

    • स्वास्थ्य सुरक्षा: मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित दवा छिड़काव (फॉगिंग) की व्यवस्था।

    • बुनियादी ढांचा: बिजली, पानी और सड़कों की मरम्मत, जो पिछले पांच वर्षों से उपेक्षित हैं।

    • समयबद्ध निस्तारण: अधिकारियों द्वारा शिकायतों के समाधान के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करना।

    प्रशासन की जिम्मेदारी और भविष्य की चुनौती

    जेवर के विस्थापित किसानों का कहना है कि उन्होंने देश के सबसे बड़े विकास प्रोजेक्ट के लिए अपने घर छोड़े थे, लेकिन बदले में उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं। जिला प्रशासन ने अब इस मामले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का संकेत दिया है, जो हर 15 दिन में कॉलोनी का निरीक्षण करेगा। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में विस्थापितों की समस्याओं का पूर्ण समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन अब देखना यह है कि क्या ये दावे वाकई धरातल पर उतरते हैं या ये किसान अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए और लंबा इंतजार करेंगे।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here