बास कृपाल नगर कृषि महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए चला विशेष अभियान, न्यायिक अधिकारियों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प
किशनगढ़ बास। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास ने कहा कि प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उनका संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खैरथल-तिजारा के तत्वावधान में कृषि महाविद्यालय, बास कृपाल नगर में आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में जिला जज शैलेंद्र व्यास एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया।
वृक्षारोपण को बताया भविष्य सुरक्षित करने का माध्यम
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज शैलेंद्र व्यास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि आज पेड़ों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकटों का सामना करना पड़ेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने लगाए पौधे
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, एसीजेएम डॉ. सुरभि सिंह, सिविल न्यायाधीश खुशबू कंवरिया, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एम.पी. यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी सतीश नरूका, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश तिवाड़ी, सचिव रविंद्र तक्षक, एडवोकेट रामनिवास, अर्पित शर्मा, चंद्रवीर सिंह सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, महाविद्यालय स्टाफ और पीएलवी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।
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