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    शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे गिरफ्तार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से मारपीट केस में जमानत रद्द की

    बॉम्बे| बॉम्बे हाईकोर्ट ने डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके सहयोगियों की जमानत शनिवार को रद्द कर दी है। अदालत ने मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई की शाम पांच बजे तक आत्मसमर्पण करने का कड़ा निर्देश दिया है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने चिकित्सा संगठनों से सोमवार के लिए बुलाई गई राज्यव्यापी हड़ताल को वापस लेने की अपील की है।

    हाईकोर्ट ने जमानत आदेश पर लगाई रोक

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की खंडपीठ ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने पाया कि कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दी गई जमानत के आदेश में गंभीर खामियां थीं और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे बरकरार रखना उचित नहीं था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रमेश म्हात्रे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं या फरार पाए जाते हैं, तो अधिकारी उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

    अस्पताल में मारपीट का घटनाक्रम

    यह मामला 6 जुलाई का है, जब डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। इस घटना के बाद से पूरे चिकित्सा जगत में भारी आक्रोश व्याप्त था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121(1) के तहत मामला दर्ज कर अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    क्यों दी गई थी निचली अदालत से जमानत?

    इससे पहले 14 जुलाई को कल्याण की एक निचली अदालत ने रमेश म्हात्रे को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। अदालत ने यह फैसला आरोपी की स्वास्थ्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनाया था, क्योंकि गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस आधार को अपर्याप्त मानते हुए जमानत पर रोक लगा दी है।

    अगली सुनवाई और हड़ताल पर अपडेट

    अदालत ने डॉक्टरों के संगठनों को आश्वासन दिया है कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष रूप से की जा रही है, जिसके चलते उन्हें सोमवार को प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई अब 22 जुलाई को निर्धारित की गई है, जहाँ इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत चर्चा होगी।

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