रांची: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत यदि कोई राशन डीलर कार्डधारकों को तय मात्रा से कम खाद्यान्न उपलब्ध कराता है, तो यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायत दर्ज होने पर दोषी डीलर के खिलाफ बेहद कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। नियमों के मुताबिक कम राशन तोलने पर संबंधित डीलर पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आर्थिक दंड लगाने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। हालांकि, इस व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और धांधली रोकने के लिए आम उपभोक्ताओं का जागरूक होना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
ई-पॉश और इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से जुड़ी प्रणाली, तौल में गड़बड़ी पर तुरंत करें शिकायत
राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को समाप्त करने के लिए राज्य भर के सभी 25,000 पीडीएस डीलरों को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन और ई-पॉश मशीनें उपलब्ध कराई हैं। ये दोनों आधुनिक मशीनें आपस में डिजिटल रूप से जुड़ी रहती हैं, जिससे वजन में किसी भी प्रकार की हेरफेर करना नामुमकिन हो जाता है। यदि इसके बावजूद भी कोई डीलर राशन में कटौती करता है, तो उपभोक्ता सरकार द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध राशन कार्डधारकों पर कसेगा शिकंजा, वसूली के साथ 12 फीसदी ब्याज का नियम
खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ही राशन का लाभ मिलना चाहिए। केंद्र सरकार ने गहन जांच-पड़ताल के बाद 2,54,887 ऐसे लोगों की पहचान कर सूची सौंपी है, जिन्होंने गलत जानकारियां देकर या फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवा लिया था। ऐसे अवैध कार्डधारकों के खिलाफ अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। नियम के अनुसार, ऐसे लोगों द्वारा अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की कीमत पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ वसूली करने का सख्त प्रावधान लागू किया गया है।
पात्रता के तय मानकों का उल्लंघन करने पर रद्द होंगे कार्ड, 6 महीने न लेने पर भी कार्रवाई
राशन योजना के नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास तीन कमरों का पक्का मकान, पांच एकड़ सिंचित कृषि भूमि, चार पहिया वाहन उपलब्ध है या वह आयकरदाता है, तो वह सरकारी राशन प्राप्त करने का पात्र नहीं माना जाएगा। यदि किसी नागरिक की आर्थिक स्थिति में बाद में सुधार आता है, तो उसे स्वयं आगे आकर अपना कार्ड समर्पित कर देना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कार्डधारक लगातार छह महीनों तक अपनी सरकारी राशन की दुकान से खाद्यान्न का उठाव नहीं करता है, तो उसका राशन कार्ड स्वतः रद्द कर दिया जाएगा।


