ब्यावर:राजस्थान के ब्यावर जिले में स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा में घोर लापरवाही का एक अत्यंत चिंताजनक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ रायपुर क्षेत्र के एक निजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस बहती नदी के तेज बहाव में फंस गई। बस चालक ने भयंकर लापरवाही दिखाते हुए वाहन को उफनती नदी के बीचों-बीच उतार दिया, जिससे बस पानी के तेज प्रवाह में फंसकर एक तरफ पलटने की स्थिति में आ गई। इस भयानक घटना के समय बस में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे स्कूली बच्चे सवार थे, जिससे मौके पर पूरी तरह चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया। इस गंभीर आपात स्थिति के बावजूद स्कूल प्रबंधन या कोई प्रशासनिक प्रतिनिधि लगभग दो घंटे तक घटनास्थल पर नहीं पहुँचा, जिसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया।
ड्राइवर की लापरवाही से उफनती नदी में धंसी बस, रोने और चीखने लगे सहमे बच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, निजी विद्यालय की बस प्रतिदिन की भांति बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। ब्यावर क्षेत्र में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मेगड़दा नदी अपने पूरे उफान पर थी। इसके बावजूद ड्राइवर ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर बस को पुलिया से ले जाने के बजाय सीधे नदी के बहते पानी में उतार दिया। पानी का दबाव अधिक होने के कारण बस के पहिये कीचड़ और रेत में गहरे धंस गए, जिससे बस असंतुलित होकर झुकने लगी। बस के भीतर मौजूद नन्हे-मुन्ने बच्चे बुरी तरह डर गए, कई बच्चे मदद के लिए चिल्लाने लगे तो कई मासूम खौफ के मारे रोने लगे।
स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से टला बड़ा हादसा, ट्रैक्टर से निकाली गई बस
जैसे ही नदी के बीच बस फंसने की खबर आसपास के इलाके में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पहले तो घबराए हुए बच्चों को ढांढस बंधाया और उनका हौसला बनाए रखा। इसके बाद बिना समय गंवाए गांव के एक किसान के ट्रैक्टर को मौके पर बुलवाया गया। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मजबूत रस्सियों के सहारे नदी में फंसी बस को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की इस त्वरित सूझबूझ और सामूहिक प्रयास से एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से टल गई और सभी बच्चों को सकुशल बचा लिया गया।
हादसे पर स्कूल प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया, ग्रामीणों में आक्रोश
इतनी बड़ी घटना घटित होने और बच्चों की जिंदगी संकट में पड़ने के बाद भी स्कूल प्रशासन की ओर से संवेदनहीनता देखने को मिली। जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्कूल के जिम्मेदार अधिकारियों और प्रधानाचार्य से बात की गई, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पूरे मामले को बेहद मामूली और सामान्य घटना करार दिया। प्रबंधन के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरा गुस्सा है, जो दोषी चालक और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो, छात्र सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्कूल बस उफनती नदी के बीचों-बीच फंसी दिखाई दे रही है और खिड़कियों से सहमे हुए बच्चे नजर आ रहे हैं। यद्यपि इस हादसे में सभी विद्यार्थी सुरक्षित हैं और कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इस घटना ने मानसूनी मौसम में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। विशेषकर बारिश के दिनों में जब नदियां और नाले उफान पर हों, तब वैकल्पिक और सुरक्षित रास्तों के बजाय जोखिम भरे रास्तों का चयन करना बच्चों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है।


