सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को जहरीली शराब का सेवन करने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में 4 अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (सागर) में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
डिप्टी सीएम ने दी घटना की जानकारी
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस दुखद हादसे में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने बताया कि समय रहते चिकित्सा सुविधा मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी है; वर्तमान में सागर जिला अस्पताल में 17 और बंडा अस्पताल में 8 लोग खतरे से बाहर हैं। कुल 40 से 45 लोगों की स्थिति नियंत्रण में है, जबकि अत्यधिक मात्रा में जहरीली शराब का सेवन करने के कारण 11 लोगों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में भाजपा के स्थानीय मंडल पदाधिकारी भी शामिल हैं।
70 रुपये में बिक रही थी मिथाइल अल्कोहल युक्त शराब, 30 लोगों पर एफआईआर
प्रारंभिक जांच के अनुसार, मौतों का मुख्य कारण शराब में अत्यधिक विषैला 'मिथाइल अल्कोहल' होना पाया गया है:
सस्ते दामों पर बिक्री: आरोपी लाइसेंसी ठेकेदारों ने अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब का नया खतरनाक फॉर्मूला तैयार किया था और इसे 70 रुपये प्रति क्वार्टर की दर से बेचा जा रहा था।
बड़ी पुलिस कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है तथा 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
मुख्य आरोपियों पर शिकंजा: एफआईआर में आबकारी के तीन लाइसेंसी ठेकेदारों—मनीष लोधी, आशीष साहू और यशवंत सिंह पर जहरीली शराब तैयार करने का आरोप है। इसके अलावा गांव-गांव जाकर अवैध रूप से इसकी सप्लाई करने वाले बिचौलियों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।


