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    बुढ़ापे में भी जवानी की धड़कन: गांव ने देखा 60 वर्षीय की शादी

    कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में प्रेम की एक ऐसी अनोखी मिसाल सामने आई है जहां उम्र की तमाम बंदिशों को किनारे रखते हुए एक बुजुर्ग जोड़े ने मंदिर में एक-दूसरे का हाथ थाम लिया और हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए।

    सामाजिक चर्चाओं के बीच परवान चढ़ी प्रेम कहानी

    मनिहारी प्रखंड की बाघमारा पंचायत में साठ साल के एक बुजुर्ग और उनकी प्रेमिका के बीच के रिश्ते को लेकर पिछले काफी समय से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म था। जब समाज में इस प्रेम प्रसंग को लेकर बातें अधिक होने लगीं, तो मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई ताकि किसी विवाद की स्थिति से बचा जा सके। ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने दोनों को समझाने और सामाजिक मान्यताओं का हवाला देने की कोशिश की, लेकिन प्रेमी जोड़ा अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहा और उन्होंने समाज के सामने अपने रिश्ते को स्वीकार करने की इच्छा जताई।

    पंचायत की सहमति और मंदिर में संपन्न हुआ विवाह

    काफी देर तक चली गहमागहमी और आपसी बातचीत के बाद पंचायत ने दोनों के अटूट प्रेम को देखते हुए विवाद खत्म करने का रास्ता निकाला। सामाजिक सहमति और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पंचायत ने दोनों की शादी कराने का निर्णय लिया, जिसके बाद गांव के ही एक मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया। बुजुर्ग दूल्हे ने जब अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा, तो वहां मौजूद ग्रामीणों ने तालियां बजाकर इस जोड़े का स्वागत किया और उन्हें नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई अनोखी शादी की तस्वीरें

    इस विवाह का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और तरह-तरह की दिलचस्प प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। इंटरनेट पर लोग इस घटना को सच्चे प्यार की जीत बता रहे हैं, तो कुछ लोग इतनी अधिक उम्र में शादी के फैसले को लेकर अचंभित नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अब केवल मनिहारी प्रखंड ही नहीं, बल्कि पूरे कटिहार जिले में कौतूहल का विषय बन गया है और लोग इस जोड़े के साहस की चर्चा कर रहे हैं।

    समाज के लिए मिसाल और चर्चा का केंद्र

    कटिहार में हुई इस शादी ने यह संदेश दिया है कि प्रेम के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती और यदि इरादे सच्चे हों तो समाज भी अंततः अपनी स्वीकृति दे ही देता है। मंदिर परिसर में मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि यह शादी इलाके में लंबे समय तक याद रखी जाएगी क्योंकि इसमें किसी प्रकार का कोई दिखावा नहीं बल्कि केवल आपसी विश्वास और समर्पण दिखाई दिया। वर्तमान में यह पूरी घटना बाघमारा पंचायत के आसपास के गांवों में चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

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