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    रतलाम में दिवाली की अनोखी रौनक, नोटों और गहनों से जगमगाया महालक्ष्मी मंदिर

    रतलाम। दीपावली पर्व के दृष्टिगत रतलाम के माणकचौक स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में भव्य सजावट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र इस मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये के करेंसी नोटों और सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषणों से सजावट की अनूठी परंपरा निभाई जाती है। धनतेरस से शुरू होकर पांच दिनों तक चलने वाले इस दीपोत्सव के दौरान भक्त माता महालक्ष्मी के इस अद्भुत स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।

    करोड़ों रुपये की गड्डियों और आभूषणों से सजेगा गर्भगृह

    सामान्यतः मंदिरों को पुष्पों व विद्युत झालरों से सजाया जाता है, किंतु माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर को नोटों की गड्डियों व कीमती आभूषणों से भव्य रूप दिया जाता है। इस वर्ष भी शरद पूर्णिमा से ही श्रद्धालुओं द्वारा सजावट हेतु धन और जेवर जमा कराने का क्रम शुरू हो चुका था। 5 दिवसीय पूजन उत्सव संपन्न होने के पश्चात जमा की गई राशि व आभूषण श्रद्धालुओं को कुबेर पोटली और प्रसाद स्वरूप सुरक्षित वापस लौटा दिए जाएंगे।

    24 घंटे कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी से होगी निगरानी

    करोड़ों रुपये के धन-धान्य से होने वाली इस सजावट के दृष्टिगत मंदिर परिसर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने हेतु चार सुरक्षा गार्ड 8-8 घंटे की शिफ्ट में 24 घंटे तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, पूरे परिसर की निगरानी के लिए 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल में दर्शन प्राप्त हो सकें।

    सुख-समृद्धि की मान्यता से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

    महालक्ष्मी मंदिर की इस विशेष परंपरा में भाग लेने के लिए न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि चेन्नई, मैसूर, कोलकाता, पुणे और गोवा जैसे दूर-दराज के राज्यों एवं शहरों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु रतलाम पहुंच रहे हैं। मान्यताओं के अनुसार, मंदिर से प्रसाद रूप में मिलने वाले इस धन को माता का आशीर्वाद मानकर घर व व्यापारिक प्रतिष्ठानों की तिजोरियों में रखा जाता है, जिससे वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। अब तक 2,000 से अधिक श्रद्धालु अपनी ओर से राशि व आभूषण जमा करा चुके हैं।

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