मुंबई:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी प्राथमिकियों (FIR) को निरस्त करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और सड़क पर उतरकर आवाज उठाने वाले प्रत्येक नागरिक की बड़ी जीत करार दिया।
न्यायालय का आभार और पेपर लीक पीड़ितों को न्याय
छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया:
सच्चे न्याय की जीत: उन्होंने कहा कि अदालत के इस आदेश से सही मायनों में न्याय की स्थापना हुई है।
पीड़ित परिवारों को संबल: दीपके ने कहा कि यह फैसला उन सभी छात्रों और परिवारों के संघर्ष को समर्पित है, जो नीट पेपर लीक विवाद से प्रभावित हुए थे और जिन्होंने इस मानसिक दबाव में अपनों को खो दिया।
आवाज उठाने वाले हर नागरिक की सामूहिक सफलता
सीजेपी संस्थापक ने इस फैसले को जनआंदोलन की सामूहिक जीत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों की नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करने वाले हर छात्र और नागरिक की जीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सबसे महत्वपूर्ण है और अदालत का यह रुख जनहित के संघर्षों को बल प्रदान करता है।


