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    दिल्ली के बाद अब मध्यप्रदेश में भी लागू ‘E-Zero FIR’, जानिए कैसे करें शिकायत

    इस डिजिटल जमाने में लगातार बढ़ते साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश में एक लाख रुपये या उससे ज्यादा की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लोगों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इसके लिए प्रदेश सरकार ने ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था लागू कर दी है. इस नए नियम के तहत अब लोग 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और FIR अपने आप दर्ज हो जाएगी |

    एमपी बना दूसरा राज्य

    बता दें कि ‘ई-जीरो एफआईआर’ की व्यवस्था देश की राजधानी दिल्ली में पहले से ही लागू है. वहीं प्रदेश अब देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां यह व्यवस्था ‘साइबर सुरक्षित भारत’ विजन के तहत शुरू की गई है. इस नई पहल का उद्देश्य क्षेत्राधिकार की बाधा को हटाकर फौरन जांच शुरू करना है, ताकि पीड़ित की राशि जल्द से जल्द सुरक्षित की जा सके और उसे बिना देरी किए लौटाया जा सके |

    एक लाख से कम की ठगी पर पुरानी व्यवस्था लागू

    अधिकारियों ने बताया कि अभी तक साइबर अपराधों के मामलों में केवल साधारण शिकायत (शिकायती आवेदन) ही ली जाती थी. इस कारण मध्य प्रदेश में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में एफआईआर का प्रतिशत मात्र 3 से 4 ही था, जिससे मामलों के निराकरण में काफी लंबा समय लग जाता था. वहीं जानकारी के अनुसार, एक लाख रुपये से कम की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी.

    2 घंटे में 1930 नंबर पर करें शिकायत

    साइबर ठगी के बाद के पहले 2 घंटे ‘गोल्डन ऑवर’ माने जाते हैं. यदि पीड़ित इस दौरान 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराता है, तो I4C बैंकों के साथ मिलकर ठगी की राशि को आरोपी के खाते में पहुंचने से पहले ही फ्रीज कर सकता है. साथ ही नई ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) व्यवस्था के जरिए आईपी लॉग और ट्रांजेक्शन आईडी जैसे डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत कानूनी रूप से सुरक्षित किया जा सकेगा |

    ई-जीरो एफआईआर के फायदे

    • ई-जीरो एफआईआर के तहत आप देश के किसी भी कोने से शिकायत कर सकते हैं |इसके लिए आपको पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी |
    • वहीं नई व्यवस्था लागू होने से एफआईआर जल्दी दर्ज होगी और बैंकिंग चैनल भी जल्दी एक्टिव होंगे |
    • इससे पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाएगी |
    • इसके अलावा पीड़ित ऑनलाइन के जरिए अपने केश का स्टैटस भी देख सकेंगे.
    • वहीं स्क्रीनशॉट, रसीद जैसे सबूतों को पीड़ित ऑनलाइन सीधे अपलोड कर सकेंगे |

    बीएनएसएस से मिली मंजूरी

    1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173 के तहत जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) व्यवस्था को मंजूरी मिल गई है. जिससे अब पीड़ित देश के किसी भी जगह से शिकायत दर्ज करा सकते हैं |

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