भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र पर खतरे का दुहाई दे रहे हैं, उन्होंने स्वयं अपने शासनकाल में संविधान के अनुच्छेद 356 का 90 से अधिक बार दुरुपयोग करते हुए देश की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारों को गिराने का काम किया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अकेले उनके शासनकाल में 50 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया गया, जो दर्शाता है कि विपक्ष का काम करने का तरीका हमेशा से संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का रहा है।
संवैधानिक संस्थाओं और आंतरिक लोकतंत्र पर प्रहार
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के पूर्ववर्ती नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में राहुल गांधी और राजीव गांधी ने देश के नीति-निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले योजना आयोग को 'बंच ऑफ जोकर्स' कहकर संबोधित किया था, जबकि उस समय देश के जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह उसके प्रमुख थे। इतना ही नहीं, अपनी ही सरकार द्वारा लाए गए आधिकारिक अध्यादेश को सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़कर संविधान और अपनी सरकार की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई थी। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि विपक्षी दल केवल अपने पक्ष में फैसले आने पर ही व्यवस्था पर विश्वास जताते हैं, अन्यथा संस्थाओं की साख गिराने का प्रयास करते हैं।
राजनीतिक जनाधार में गिरावट और तीखी बयानबाजी
विपक्ष की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए जेपी नड्डा ने विभिन्न राज्यों के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 58 वर्ष, पश्चिम बंगाल में 48 वर्ष, उत्तर प्रदेश में 38 वर्ष तथा बिहार और गुजरात में बीते 35 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। ओडिशा में 25 साल और दिल्ली में 12 सालों से पार्टी को जनाधार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अपनी इस राजनीतिक बौखलाहट के कारण ही विपक्षी नेता देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि जब-जब देश के नेतृत्व के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, तब-तब देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया है।
गठबंधन के शीर्ष नेताओं पर तीखे व्यक्तिगत आरोप
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी गठबंधन की रैली पर हमला बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि मंच पर मौजूद कई प्रमुख नेता वर्तमान में गंभीर कानूनी मामलों में जमानत पर बाहर हैं, जिनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव और फारुख अब्दुल्ला जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि न्याय प्रक्रिया के तहत जमानत रद्द होती है तो इन नेताओं को जेल जाना पड़ेगा। इसके अलावा गठबंधन के कई अन्य घटकों पर भी करोड़ों रुपये के घोटालों और विभिन्न राज्यों में हुए सांप्रदायिक तनाव तथा दंगों में संलिप्तता के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश की जनता ऐसे अवसरवादी गठबंधनों के असली चेहरे को पूरी तरह पहचान चुकी है।



