More
    Homeराज्ययूपीबलिया में शिक्षक की लापरवाही का आरोप, छत पर भेजे गए छात्र...

    बलिया में शिक्षक की लापरवाही का आरोप, छत पर भेजे गए छात्र की करंट से मौत

    बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के अंतर्गत गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला दलित बस्ती पोखरा स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में सोमवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक हादसा घटित हुआ। विद्यालय की छत पर चढ़कर लौकी तोड़ने के दौरान कक्षा चार का दस वर्षीय छात्र अरशद हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही अकाल मृत्यु हो गई। इस भीषण दुर्घटना के बाद से मृतक छात्र के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    छात्र को छत पर भेजने का आरोप और ग्रामीणों का उग्र हंगामा

    शोकससंतप्त परिजनों और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय के एक शिक्षक ने मासूम छात्र को छत पर चढ़कर लौकी तोड़ने के लिए भेजा था। इस वीभत्स घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण और परिजन तुरंत विद्यालय पहुंच गए और शिक्षकों को अंदर ही बंधक बनाकर जमकर हंगामा किया। विद्यालय परिसर में लगभग चार घंटे तक अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालात की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और गड़वार के साथ-साथ सुखपुरा, फेफना तथा चितबड़ागांव थानों का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया।

    अधिकारियों की समझाइश और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई

    मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गोपेश तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह, बीईओ विशाल यादव, विद्युत विभाग के एसडीओ तथा क्षेत्राधिकारी नगर सतीश शर्मा ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन स्तर से हरसंभव आर्थिक सहायता दिलाने और इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। इस मामले में पुलिस ने परिजनों की लिखित तहरीर पर सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी प्रधानाचार्य विजय शंकर और सहायक शिक्षक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित शिक्षामित्र की सेवा समाप्ति के लिए ग्राम प्रधान को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

    मेधावी छात्र की मौत से परिवार में छाया मातम

    मृतक छात्र अरशद अपने माता-पिता की छह संतानों में सबसे छोटा और दुलारा था। पढ़ाई-लिखाई में अत्यंत कुशाग्र और मेधावी होने के कारण वह भविष्य में अपनी मेहनत से एक बड़ा अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए था, लेकिन इस आकस्मिक और लापरवाहीपूर्ण हादसे ने उसके परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। पुलिस ने मासूम के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की प्रत्येक पहलू से गहनता के साथ जांच की जा रही है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here