अलवर में पल्स पोलियो दिवस पर शिशु अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। 23 से 25 नवंबर तक जिलेभर में घर–घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
अलवर जिले में शुक्रवार को पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर शिशु अस्पताल परिसर से एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य जिलेभर में होने वाले आगामी पोलियो उन्मूलन अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना और “दो बूंद जिंदगी की” के संदेश को घर–घर तक पहुंचाना था। रैली को सीएमएचओ विभाग की आरसीएचओ डॉ. मंजू शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली की शुरुआत शिशु अस्पताल से, तख्तियां लेकर निकले स्वास्थ्य कर्मी
जागरूकता रैली सुबह शिशु अस्पताल से प्रारंभ हुई और नगली सर्किल तक पहुंची। पूरे मार्ग में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नर्सिंग विद्यार्थी और अन्य कार्मिक हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां पकड़े हुए नजर आए।
तख्तियों पर लिखे संदेशों में—
“दो बूंद जिंदगी की”
“पोलियो मुक्त भारत”
“हर बच्चा है जरूरी”
“पोलियो दवा पूरी तरह सुरक्षित है”
जैसे नारे लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने, बूथों पर बच्चों को लेकर आने और घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों को सहयोग देने का आग्रह किया।
23 से 25 नवंबर तक चलेगा जिला स्तरीय पल्स पोलियो अभियान
आरसीएचओ डॉ. मंजू शर्मा ने बताया कि जिले में 23 नवंबर से 25 नवंबर तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीम घर–घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो ड्रॉप्स से वंचित न रह जाए।
बाईट — डॉ. मंजू शर्मा, RCHO, सीएमएचओ विभाग:
“पोलियो उन्मूलन के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए यह रैली बेहद महत्वपूर्ण है। जागरूकता बढ़ने से अभिभावक अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा दिलाते हैं, जिससे जिले को पोलियो-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी मदद मिलती है।”
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी संभव है जब अभिभावक स्वयं आगे आकर सहयोग करें और वर्ष में दो बार चलने वाले पोलियो अभियान में अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से बूथ पर लेकर आएँ।
अभिभावकों से की गई अपील, दवा पूरी तरह सुरक्षित
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों से विशेष अपील की गई कि वे आने वाले तीन दिनों में अपने बच्चों को बूथों पर अवश्य लाएँ। विभाग का कहना है कि पोलियो ड्रॉप्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह दवा बच्चों के भविष्य को गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार पोलियो का वायरस बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में इस दवा का समय पर सेवन भविष्य में होने वाले किसी भी खतरे को कम करता है।
जिले को पोलियो मुक्त बनाने का लक्ष्य
रैली के दौरान पूरे मार्ग में लोगों को पोलियो उन्मूलन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक बच्चा पोलियो-मुक्त भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाए।
अभियान के तहत—
घर–घर जाकर टीम द्वारा बच्चों को दवा पिलाई जाएगी
बूथ स्तर पर विशेष व्यवस्था की जाएगी
छूटे हुए बच्चों तक पहुंचने के लिए मोबाइल टीमें भी सक्रिय रहेंगी
रैली के अंत में सभी प्रतिभागी पुनः शिशु अस्पताल पहुंचकर एकत्रित हुए, जहाँ अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
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अलवर में शुक्रवार को पल्स पोलियो दिवस पर शिशु अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई।
स्वास्थ्य विभाग, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने “दो बूंद जिंदगी की” का संदेश देते हुए लोगों को आने वाले अभियान के लिए जागरूक किया।


