वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि भारत के लिए अतिरिक्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के नए रास्ते खुल रहे हैं और संकट को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आपूर्ति संबंधी मुद्दों के खुलासे पर क्या बोले मंत्री?
मंत्री ने बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को संसद में एलपीजी संकट से जुड़े सवालों का जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ आपूर्ति संबंधी मुद्दों का खुलासा कूटनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण सार्वजनिक रूप से नहीं किया जा सकता, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मामलों पर।गोपि ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों से बातचीत कर यह मुद्दा उठाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट का आम लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है और भारत के लिए कुछ राहत या छूट देने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े साझा नहीं किए जा सकते, लेकिन भारत को अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराने के रास्ते बन रहे हैं।
मौजूदा स्थिति में किसे दी जा रही प्राथमिकता?
मंत्री के अनुसार मौजूदा स्थिति में गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता आपात सेवाओं को दी जा रही है। अस्पतालों और श्मशान घाट जैसी आवश्यक सेवाओं को पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है ताकि जरूरी कामकाज प्रभावित न हो।उन्होंने कहा कि मंत्रालय के आकलन के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कई तकनीकी और आपूर्ति से जुड़े पहलुओं पर भारत का सीधा नियंत्रण नहीं है। गोपि ने यह भी कहा कि एलपीजी संकट का असर केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है।
गैस की कीमतों पर क्या बोले मंत्री?
गैस की कीमतों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक नियामक व्यवस्था मौजूद है और उसी के अनुसार कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत तय करने का अधिकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को दिया गया है।उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इस मुद्दे पर भारत किसी देश के साथ युद्ध नहीं कर सकता। गोपि ने कहा कि वे स्वयं और देश के अधिकांश लोग युद्ध के पक्ष में नहीं हैं।रेस्तरां और अन्य व्यवसायों के गैस की कमी के कारण बंद होने की खबरों पर उन्होंने कहा कि सरकार समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है और इन्हें जल्द दोबारा खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में लोगों को संयम बरतने की आवश्यकता है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया था।

