अमित शाह की मौजूदगी में सीबीडीसी और ‘अनाज एटीएम’ परियोजनाओं का शुभारंभ
गांधीनगर। गुजरात के महात्मा मंदिर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में बड़े बदलाव की दिशा में कई प्रकल्पों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ‘सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी’ (सीबीडीसी) आधारित आधुनिक वितरण प्रणाली और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘अनाज एटीएम’ की शुरुआत की गई। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था के तहत राशन स्टॉक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, यहां तक कि विदेश से भी इसकी निगरानी की जा सकेगी। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और भ्रष्टाचारमुक्त बनेगी।
तकनीक से पारदर्शिता का दावा
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पहले दिल्ली से भेजे गए 5 किलो अनाज में से कुछ हिस्सा रास्ते में गायब हो जाता था, लेकिन अब डिजिटल राशन कार्ड और नई तकनीक के जरिए “एक दाना भी गायब नहीं होगा।” उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 60 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर सुधारा और 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है।
किसानों और बजट पर बयान
किसानों के मुद्दे पर शाह ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील से भारतीय किसान सुरक्षित हैं और नरेंद्र मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के समय कृषि बजट 26 हजार करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपये किया गया। साथ ही किसानों के खातों में प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
डिजिटल इंडिया और सीबीडीसी
डिजिटल इंडिया पर बोलते हुए शाह ने कहा कि आज भारत डिजिटल लेनदेन में अग्रणी है और अब राशन वितरण प्रणाली भी डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सरकार का हर निर्णय गरीबों और जरूरतमंदों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं और 1 लाख से अधिक गांव डिजिटल हो चुके हैं। आने वाले दिनों में ‘अनाज एटीएम’ पूरी तरह कार्यरत होंगे, जिससे लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में पारदर्शी तरीके से अनाज मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सीबीडीसी लोगों को उनका हक दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों को अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना है। 100 प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है और 2 से 3 करोड़ ‘साइलेंट’ राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को फायदा मिल सके।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
सीबीडीसी प्रणाली के तहत लाभार्थी को आरबीआई के माध्यम से डिजिटल फूड कूपन मिलेगा। दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन कर वह अनाज प्राप्त कर सकेगा। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे ओटीपी के जरिए भी अनाज ले सकेंगे। लाभार्थी अपने मोबाइल पर यह देख सकेगा कि उसे कौन सा अनाज और कितनी मात्रा में मिलना है।
कार्यक्रम के अंत में जोशी ने इसे अनाज वितरण प्रणाली में ‘डिजिटल सत्याग्रह’ की शुरुआत बताया। सरकार का दावा है कि यह नई व्यवस्था भ्रष्टाचार के खिलाफ तीसरी आंख साबित होगी और करोड़ों गरीबों को पारदर्शी एवं समयबद्ध खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
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