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    Homeराजस्थानजयपुरभजनलाल के बयान पर भड़के अशोक गहलोत, 24 घंटे की दी मोहलत

    भजनलाल के बयान पर भड़के अशोक गहलोत, 24 घंटे की दी मोहलत

    जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा भारतीय जनता पार्टी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा एवं रैली के दौरान दिए गए बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री के तीखे हमलों के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गहलोत ने मुख्यमंत्री से अपने आरोपों के पक्ष में 24 घंटे के भीतर तथ्य और दस्तावेज सार्वजनिक करने अन्यथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

    विला खरीद विवाद और अनंता रिजॉर्ट मामले पर गहलोत का पलटवार

    अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिना किसी तथ्य के व्यक्तिगत और अनर्गल आरोप लगाए हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री से यह उम्मीद कर रहे थे कि वे अपने अतिरिक्त मुख्य सचिव पर लग रहे विला खरीद से संबंधित आरोपों और इस पूरे प्रकरण में सरकार की भूमिका पर स्पष्टीकरण देंगे। गहलोत ने सवाल उठाया कि जिस निवेश बोर्ड की बैठक में अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया था, उसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच मुख्यमंत्री के अधीन आने वाली राज्य एजेंसी एसीबी के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।

    कांग्रेस शासनकाल की राजनीतिक अस्थिरता पर सीएम का प्रहार

    इससे पूर्व, जोधपुर की रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान भारी राजनीतिक अस्थिरता और अंदरूनी सत्ता संघर्ष देखा है, जहां सरकार जनकल्याण के कार्य छोड़कर होटलों तक सीमित रह गई थी। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में नेतृत्व ने अपने ही सहयोगियों के प्रति अमर्यादित टिप्पणियां की थीं तथा हालिया दौर में भी पार्टी के भीतर मंच साझा करने तक को लेकर खींचतान जारी है, जो पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल का ही परिणाम है।

    पेपरलीक और भ्रष्टाचार के मामलों पर तीखी बहस

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आरपीएससी में नियुक्तियों, पेपरलीक प्रकरणों और जल जीवन मिशन में हुए कथित घोटालों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन में भ्रष्टाचार चरम पर था और तत्कालीन मुख्यमंत्री के पीएसओ तक पेपरलीक मामले में गिरफ्तार हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इसके जवाब में गहलोत ने आरोप लगाया कि वर्तमान मुख्यमंत्री अपनी सरकार से जुड़े गंभीर आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से बौखलाहट में मर्यादा लांघकर आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं।

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