भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविंदपुरा स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन ‘ई-ऊर्जा भवन’ का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन आज, 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे गोविंदपुरा स्थित बिजली नगर कॉलोनी के आस्था परिसर में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा विधिवत संपन्न किया जाएगा।
8 करोड़ 35 लाख की लागत से बनेगा 4 मंजिला आधुनिक भवन
लगभग 8 करोड़ 35 लाख रुपये की कुल लागत से आकार लेने वाला यह नया प्रशासनिक भवन 3,696 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्रफल में फैला होगा, जिसमें भू-तल (ग्राउंड फ्लोर) के अलावा 4 मंजिलें निर्मित की जाएंगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की सुगमता के लिए भवन के भीतर आधुनिक केबिन, कॉन्फ्रेंस हॉल, सुव्यवस्थित वर्कस्टेशन, रिकॉर्ड रूम, शिशु गृह (क्रेच रूम), प्रशिक्षण कक्ष (ट्रेनिंग रूम) तथा हार्डवेयर स्टोरेज की विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा परिसर में दो अत्याधुनिक लिफ्ट, ध्वनि नियंत्रण हेतु एकॉस्टिक पैनलिंग, आकर्षक फॉल्स सीलिंग के साथ-साथ आपातकालीन सुरक्षा मानकों के तहत उन्नत फायर फाइटिंग एवं फायर अलार्म सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे।
कार्यालयीन आवश्यकताओं की पूर्ति और बेहतर कार्य वातावरण
विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, 'ई-ऊर्जा भवन' का निर्माण निरंतर बढ़ रही कार्यालयीन जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह नया भवन न केवल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक उत्कृष्ट और ऊर्जावान कार्य वातावरण प्रदान करेगा, बल्कि कंपनी के दैनिक कामकाज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पहले से अधिक प्रभावी, तेज तथा सुव्यवस्थित बनाने में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
मंत्रालय में NTPC के साथ विद्युत क्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर
गोविंदपुरा में भूमिपूजन कार्यक्रम से ठीक पहले, भोपाल स्थित मंत्रालय में दोपहर 1:30 बजे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की गरिमामयी उपस्थिति में एक अन्य महत्वपूर्ण समझौता भी संपन्न होगा। इस दौरान मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा एनटीपीसी की छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित 'लारा चरण-III' परियोजना के साथ एक ऐतिहासिक पॉवर परचेज एग्रीमेंट (विद्युत क्रय अनुबंध) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।


