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    HomeराजनीतिBJP का आरोप- ताहिर हुसैन ही नहीं, केजरीवाल भी जिम्मेदार

    BJP का आरोप- ताहिर हुसैन ही नहीं, केजरीवाल भी जिम्मेदार

    नई दिल्ली: साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के अफसर अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत के इस फैसले के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कोर्ट के इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस आलाकमान पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन को सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल का 'राजनीतिक संरक्षण' हासिल था और वह उन्हीं के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहा था।

    ताहिर के असली आका अरविंद केजरीवाल: भाजपा

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में अदालत के फैसले का जिक्र करते हुए गौरव भाटिया ने अरविंद केजरीवाल को इस पूरे घटनाक्रम का सह-आरोपी करार दिया। उन्होंने कहा कि वारदात के समय मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन न सिर्फ आम आदमी पार्टी का पार्षद था, बल्कि वह केजरीवाल का बेहद करीबी भी था। अब जब अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या (IPC 302), अपहरण (IPC 365) और समाज में नफरत फैलाने (IPC 153A) जैसी गंभीर धाराओं के तहत दोषी मान लिया है, तो इसके पीछे की बड़ी साजिश से भी पर्दा उठना चाहिए। भाटिया ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे असली दिमाग अरविंद केजरीवाल का था, जिन्होंने न सिर्फ इस साजिश को शह दी बल्कि बाद में मामले को दबाने का प्रयास भी किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली का मुख्यमंत्री रहते हुए भी केजरीवाल ने अंकित शर्मा या दंगों में जान गंवाने वाले अन्य निर्दोष नागरिकों के हक में एक शब्द भी क्यों नहीं बोला।

    मजहबी पहचान के कारण हुई अंकित की बर्बर हत्या

    भाजपा प्रवक्ता ने अदालत की टिप्पणियों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी और गहरी साजिश का नतीजा थी, जिसका मकसद एक खास समुदाय को निशाना बनाना था। उन्होंने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जब अंकित शर्मा भीड़ की तरफ बढ़े, तब ताहिर हुसैन ने ही दंगाइयों को उकसाया था। अदालत ने भी माना है कि यह पूरी साजिश हिंदू विरोधी मानसिकता के तहत रची गई थी और अंकित को सिर्फ उनकी धार्मिक पहचान के कारण मौत के घाट उतारा गया। अंकित के शरीर पर मिले चाकू के 51 घाव इस बात का सबूत हैं कि दंगाइयों ने किस कदर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं।

    वोट बैंक के लिए दंगाइयों के साथ खड़ी है 'आप'

    आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान द्वारा अदालत के इस फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताए जाने पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया है। गौरव भाटिया ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर इस तरह की टिप्पणी करना आम आदमी पार्टी के असली चरित्र और उसके डीएनए को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सिर्फ और सिर्फ अपनी वोट बैंक की सियासत चमकाने के लिए अपराधियों और दंगाइयों के पक्ष में खड़ी नजर आ रही है, जो बेहद निंदनीय है।

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