सोसायटी पर पारदर्शिता और जनसेवा को लेकर संरक्षक ने उठाए सवाल, नियमित ऑडिट और बैठक की मांग
भरतपुर। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी भरतपुर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सोसायटी के संरक्षक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर संस्था को पुनः सक्रिय, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटी अपने मूल उद्देश्यों से भटकती नजर आ रही है और आपदा व राहत कार्यों में इसकी सक्रिय भूमिका दिखाई नहीं दे रही।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना पीड़ित मानवता की सेवा, आपातकालीन राहत कार्यों और सामाजिक सहयोग के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन वर्तमान समय में भरतपुर इकाई अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं कर रही। प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं और आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान भी सोसायटी की भागीदारी नजर नहीं आने से आमजन में संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संरक्षक सीताराम गुप्ता ने आरोप लगाया कि सोसायटी के सचिव और अन्य पदाधिकारी संगठन के अध्यक्ष, वाइस चेयरमैन और संरक्षक को कार्यों, योजनाओं तथा आय-व्यय की जानकारी नहीं देते। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से सोसायटी की नियमित बैठकें आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे संस्था की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
पत्र में यह भी कहा गया कि वर्तमान में सोसायटी का कार्यालय जनाना अस्पताल परिसर में संचालित हो रहा है, जबकि कार्यालय के पास सचिव का निजी व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थित होने के कारण व्यक्तिगत प्रभाव की संभावना बनी रहती है। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय को जिला आरबीएम अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, जिससे प्रशासनिक निगरानी बेहतर हो सके।
गुप्ता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि सोसायटी के आय-व्यय का विस्तृत एवं निष्पक्ष ऑडिट करवाया जाए। साथ ही नियमित बैठकों का आयोजन कर वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि सेवा और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि वर्ष में कम से कम एक बार जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विस्तृत बैठक आयोजित हो, जिसमें अन्य सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी शामिल किया जाए, ताकि आपदा और राहत कार्यों में समन्वित सहयोग मिल सके।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के राज्यपाल की अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यालयों को प्रशासनिक नियंत्रण और पारदर्शिता की दृष्टि से उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इसी निर्णय के अनुरूप भरतपुर कार्यालय को भी प्रशासनिक कार्यालयों के निकट स्थापित करने की मांग की गई है।
पत्र में यह भी कहा गया कि भरतपुर जिले में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं, आगजनी और प्राकृतिक आपदाएं होती रहती हैं, लेकिन इन घटनाओं में रेडक्रॉस सोसायटी की सक्रिय भागीदारी नजर नहीं आती। यदि संस्था प्रभावी ढंग से राहत कार्यों में भागीदारी निभाए तो जिला प्रशासन को भी राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग मिल सकेगा।
संरक्षक ने उम्मीद जताई कि समयबद्ध कार्रवाई होने पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी पुनः अपने मूल उद्देश्यों के अनुरूप सक्रिय होकर जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगी।
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