More
    Homeदेशबादल फटने से जलप्रलय जैसे हालात! जम्मू-कश्मीर के कई गांवों का टूटा...

    बादल फटने से जलप्रलय जैसे हालात! जम्मू-कश्मीर के कई गांवों का टूटा संपर्क

    जम्मू: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी औपचारिक दस्तक दे दी है। हालांकि, मानसून के आगमन का पहला ही दिन इन दोनों प्रदेशों के लिए भारी तबाही लेकर आया। मौसम के अचानक बदले मिजाज के कारण जम्मू-कश्मीर के डोडा, किश्तवाड़ और बांडीपोरा समेत करीब आधा दर्जन इलाकों में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया है। श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. मुख्तयार अहमद ने दोनों केंद्र शासित राज्यों में मानसून के सक्रिय होने की आधिकारिक पुष्टि की है।

    यातायात ठप, मलबे में तब्दील हुईं सड़कें

    बादल फटने और मूसलाधार बारिश के बाद आए पहाड़ी मलबे के कारण कई प्रभावित इलाकों में प्रमुख संपर्क मार्ग और सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। अचानक आए तेज बहाव की वजह से बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है और कई दूरदराज के गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। राहत की बात यह रही कि इतनी भीषण आपदा के बावजूद अभी तक कहीं से भी किसी भी प्रकार के जानी नुकसान (जनहानि) की कोई अप्रिय सूचना नहीं है।

    प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग

    बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जलभराव वाले और संवेदनशील निचले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्थाई शिविरों व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं, और बंद पड़े रास्तों को दोबारा बहाल करने के लिए भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here